ओयल। गर्मी बढ़ने के साथ ही डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में नौ मासूम सहित 14 डायरिया से पीड़ित मरीज भर्ती किए गए। डॉक्टरों ने कहा कि दूषित पानी पीने और खुले खाद्य पदार्थ के सेवन से लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में विभिन्न बीमारियों के करीब 20 बच्चे भर्ती हैं। इसमें डायरिया के नौ बच्चे हैं। भर्ती बच्चों में सात माह की प्रीति, आठ साल की जूली, दो साल के श्रयांश, सात माह की कृतिका वर्मा, आठ माह के इनाया, 12 साल के अधिराज, चार साल के तौसीफ, सात माह के लकी, तीन माह के आयात हैं। इलाज के बाद सभी को आराम मिला है। अस्पताल भवन की तीसरी मंजिला पर बने डीवीडी वार्ड में भी डायरिया के पांच मरीज भर्ती हैं। इसमें 20 वर्ष की सोमवती, 40 वर्ष की अन्नपूर्णा, 70 वर्ष के रामौतार, 40 वर्ष के कांति और 26 वर्ष के बाबूराम भर्ती हैं।
लापरवाही न बरतें माता-पिता
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने जरूरत है। नौनिहालों के माता-पिता को अपने बच्चों को गर्मी, गर्म तेज हवा से बचाकर रखे। बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहे। बच्चों को बाहरी खुले खाद्य पदार्थ के इस्तेमाल से बचाएं। दस्त, उल्टी व बुखार की शिकायत नजदीकी अस्पताल में दिखाए।
जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज बुखार, उल्टी-दस्त व खांसी के
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 1200 से 1300 नए मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा बुखार, उल्टी-दस्त, खांसी आदि के मरीज शामिल होते हैं। शनिवार दोपहर 12 बजे तक 626 मरीज पहुंचे, जबकि शुक्रवार को 1261 मरीजों की ओपीडी हुई।