आबादी के निकट घूम रहे तेंदुए, दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के बाघ प्रभावित इलाकों में इन दिनों बाघ तो शांत हैं, लेकिन तेंदुओं की दहशत है। बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में तेंदुआ गन्ने के खेतों से निकलकर ग्रामीणों की बकरियों, कुत्तों आदि का शिकार कर रहा है। अब तक यह तेंदुआ करीब 15 बकरा/बकरियों का शिकार कर चुका है। उधर बफरजोन की भीरा रेंज में भी एक तेंदुआ ने गन्ने के खेतों में डेरा डाल रखा है। तेंदुए के आबादी वाले इलाके में आने से ग्रामीणों में दहशत है।
इसी तरह दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर बीट में काफी दिनों से सक्रिय बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। जबकि खेतों और गांवों के इर्द-गिर्द तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। इससे वन विभाग का अनुमान है कि बाघ जंगल में वापस चला गया है। इस तेंदुए ने भी पिछले कुछ दिनों से कई बंदरों, कुत्तों और बकरियों का शिकार किया है।
उप्र राज्य वन्यजीव सलाहकार परिषद के पूर्व सदस्य और वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह कहते हैं कि तेंदुए प्राय: जंगल के बाहरी इलाके में रहते हैं। बाघों की सल्तनत में तेंदुआ आमतौर से नहीं जाते। जहां बाघ सक्रिय होते हैं वहां तेंदुआ नहीं दिखाई देता। बाघ प्रभावित इलाकों में इन दिनों तेंदुओं की सक्रियता यह दर्शाती है कि बाघों ने अपना स्थान बदल दिया है या वे जंगल में लौट गए हैं। तेंदुआ बड़े जानवरों का शिकार नहीं करता। कुत्ते और बकरियां इनका प्रिय भोजन हैं। इससे जाहिर है कि बारिश के मौसम में तेंदुआ आबादी के निकट आकर उत्पात मचा रहे है।
स्कूल के पास तेंदुए की मौजूदगी से दहशत
बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे पूरनपुर गांव स्थित प्राथमिक स्कूल के इर्द-गिर्द तेंदुआ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। पिछले दिनों इसी जगह तेंदुए ने बकरियों का शिकार किया था। स्कूल के पास तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है और वे बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं।
वर्जन
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में आबादी के निकट तेेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली है। पगचिह्न से इसकी पुष्टि भी हुई है। वनकर्मियों की टीम लगातार तेंदुए की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन