आरवीएनएल की उदासीनता से यहां चल रहा आमान परिवर्तन का काम करीब एक माह से ठप है, जिससे रेल अधिकारियों के दिसंबर तक मैलानी-सीतापुर रूट पर बड़ी लाइन की ट्रेनें चलने के दावा सच होता नजर नहीं आ रहा है।
आमान परिवर्तन के काम के लिए लगभग डेढ़ साल से मैैलानी-सीतापुर रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन बंद है। आरवीएनएल आमान परिवर्तन का काम करा रहा है, लेकिन आमान परिवर्तन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इतने दिन में यहां सिर्फ स्टेशन पर रेल पटरियां बिछाई जा सकी हैैं, जबकि सिविल वर्क केे नाम पर प्लेटफार्म पर मिट्टी डाली गई है। टिन शेड के पिलर खड़े किए गए हैं। ओवर ब्रिज के फाउंडेशन पर कुछ पिलर खड़े किए गए हैं, जबकि कुुछ के सिर्फ फाउंडेशन ही बने हैं। इधर, करीब एक माह से तो काम एकदम ठप है। टिन शेड और ओवरब्रिज के पिलर खड़े किए गए काफी दिन हो गए, लेकिन उसके आगे का काम बंद कर दिया गया।
पिछले दिनों यहां दौरे पर आए एनईआर जीएम ने जून तक सीतापुर-ऐशबाग और दिसंबर तक मैलानी-सीतापुर रूट पर बड़ी लाइन की ट्रेनों का आवागमन शुरू होने की बात कही थी, लेकिन जून गुजरने के बावजूद सीतापुुर-ऐशबाग रूट पर ट्रेनों का आवागमन शुरू नहीं हो सका और आरवीएनएल के बेहद धीमी गति से चल रहे काम को देखते हुए मैलानी-सीतापुर रूट पर भी दिसंबर तक ट्रेनें चलने की संभावनाएं कम ही लग रही हैं।