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आढ़तों पर गेहूं के लगे ढेर, तो क्रय केंन्द्रों पर सन्नाटा

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आढ़तों पर गेहूं के लगे ढेर
तो खरीद केंद्रों पर सन्नाटा
आढ़तों पर 1550 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा गेहूं
- मंडी राजापुर में सुविधाओं के दावे तमाम पर किसानों में अभी बेरुखी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
मंडी राजापुर में गेहूं की आवक बढ़ने से आढ़तियों के फड़ों पर ढेर लगने लगे हैं। मोहम्मदी, पलिया और गोला क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर है, तो धौरहरा, रमियाबेहड़, नकहा और फूलबेहड़ क्षेत्र से किसान गेहूं लेकर मंडी राजापुर आने लगे हैं। यहां कहने को पांच क्रय केंद्र खोले गए हैं, सुविधाओं के पूरे दावे किए जा रहे हैं। बावजूद इसके खरीद शुरू नहीं हो सकी है, तो वहीं आढ़तों पर 1550 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल रेट में किसानों का गेहूं बिक रहा है।
मंडी में क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को नमी मापक यंत्र का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी रिपोर्ट गेहूं के नमूने नमी की मात्रा मानक से अधिक निकल रही है। इस पर केन्द्र प्रभारी गेहूं सुखाकर कुछ दिन बाद लाने की बात कहकर किसानों को बैरंग कर रहे हैं। जिले भर में 151 क्रय केन्द्र खोले गए हैं, जिनके माध्यम से दो लाख सात हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाना है। इसके सापेक्ष चार दिनों में 226 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, लेकिन मंडी राजापुर के क्रय केंद्रों का अभी खाता खुलना बाकी है। यहां पर विपणन शाखा के दो, एफसीआई, पीसीएफ समेत चार एजेंसियों के पांच केंद्र खोले गए हैं। केंद्र प्रभारी दिव्यांशु कुमार और सोनम सिंह ने बताया है कि अभी आवक कम है। नमूने लेकर कुछ किसान ही आए हैं, जिनमें नमी की मात्रा मानक से ज्यादा होने के चलते सुखाकर लाने को कहा गया है।
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रमियाबेहड़ क्षेत्र के गांव माखनपुरवा से गेहूं लेकर मंडी आए किसान छोटेलाल ने बताया कि क्रय केन्द्र पर गेहूं बेचने के लिए नहीं गया है। पिकअप में करीब 20 क्विंटल गेहूं लादकर सीधे एक आढ़ती की फड़ पर पहुंचा। वहीं पर नीलामी के जरिए औने-पौने रेट पर गेहूं बेच दिया। केन्द्र पर न बेचने के सवाल पर उसने बताया कि 20 अप्रैल को घर में शादी है, जिसके लिए नकद पैसों की जरूरत है। वहीं केन्द्र पर गेहूं बेचना आसान नहीं है और बिक भी गया तो पैसे न जाने कब मिलेंगे।

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धौरहरा क्षेत्र के गांव अमेठी से ट्राली में भरकर गेहूं बेचने आए किसान रामनरेश ने बताया कि उनके क्षेत्र में केन्द्र नहीं खुले हैं और न ही इस बात की कोई जानकारी ही किसानों को दी गई। इससे वह हर साल की तरह मंडी में आढ़त पर ही अपनी फसल बेचते आए हैं। किसान की माने तो रजिस्ट्रेशन कराने के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं दी गई।

अभी हैंडलिंग ठेकेदार
की नहीं हुई नियुक्ति
लखीमपुर खीरी।
किसानों से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं, लेकिन अब तक विपणन शाखा के 20 क्रय केन्द्रों पर हैंडलिंग/परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। इससे इन केन्द्रों पर गेहूं खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। वजह है कि श्रमिक उपलब्ध न होने से किसानों का गेहूं कौन तोलेगा? जिसकी वजह से केंद्र प्रभारी गेहूं खरीदने में खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि नौ अप्रैल 2018 को शासन स्तर पर ई-टेंडर के जरिए ठेकेदारों की नियुक्ति की जाएगी। सारी तैयारियां दुरुस्त होने के दावों के बीच हैडलिंग/परिवहन ठेकेदारों को क्रय केन्द्र आवंटित करने में देरी होना भी बड़ी वजह माना जा रहा है, जिससे विपणन शाखा के ज्यादातर केन्द्रों पर सन्नाटा बना है। तो वहीं जिन केन्द्रों पर हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्त हो गए हैं, वहां भी श्रमिक नहीं पहुंचे हैं।
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आवक बढ़ने के साथ ही क्रय केन्द्रों पर खरीद तेज हुई है, जिन केन्द्रों पर हैंडलिंग ठेकेदार की नियुक्ति नहीं हुई है, उनके केन्द्र प्रभारी वैकल्पिक व्यवस्था कर खरीद शुरू कराने का प्रयास करेंगे। गेहूं खरीद की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले केन्द्र प्रभारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
- अरुण कुमार, एडीएम/जिला खरीद प्रभारी
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