देश में छात्रसंघों को खत्मकर आज शिक्षा और रोजगार को निजी हाथों में सौंपने की सरकार की जहां साजिशें जारी हैं। वहीं दूसरी तरफ इन प्रश्नों पर उठ रहे लोकतांत्रिक छात्र आंदोलनों पर दमन किया जा रहा है। यह लोकतंत्र में अभिव्यक्ति के अधिकार को खत्म करने की साजिश है। उक्त बातें राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने छात्र नौजवान जागरूकता अभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान वाईडी कॉलेज में आयोजित एक गोष्ठी में कहीं।
‘लोकतंत्र की नर्सरी, समसमायिक उपयोगिता’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में सपा राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज के दौर में देश की बड़ी आबादी युवा है। ऐसे में निश्चित रूप से शिक्षा रोजगार का प्रश्न मूल प्रश्न है। आज देश को इन प्रश्नों पर 1975 की तर्ज पर एक व्यापक अवाम वाले छात्र युवा आंदोलन की आवश्यकता है।
राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता डॉ. संजय कुमार ने कहा कि असहमति का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी बात है। राजनीति का तात्पर्य विचार से है, सत्ता से नहीं। आज के समय में छात्र आंदोलन से यह विषय वस्तु गायब सी दिखती है। युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शाश्वत जोशी ने कहा कि सपा नेतृत्व में एक बडे़ छात्र नौजवान आंदोलन को संचालित किया जाएगा। सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने कहा कि जिले में एक बार फिर छात्र संघर्षों की आवाज गूंजेगी। छात्रा दीप्ति पांडेय, दिव्या शुक्ला पूर्वमंत्री यशपाल चौधरी, पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा आदि ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। इस मौके पर रियाजुल्ला खां, गौरव पाठक, देवेंद्र भदौरिया, सुरेंद्र कुमार, तृप्ति अवस्थी, शाश्वत मिश्रा, प्रवीन यादव, मुन्ना यादव, हर्षित सिंह, सुधाकर लाला, सचिन वर्मा, संजय वर्मा, प्रशान्त, मोहित यादव, सुधीर कुमार, नरेन्द्र वर्मा, दुर्गेश गुप्ता, अमित तिवारी, विवेक यादव आदि मौजूद रहे।