लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब कन्याओं का विवाह करने के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। विवाह में वर-वधु को सामान उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया में 13 फर्मों ने दावेदारी की है।
अब सभी फर्मों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद फर्मों के द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले सामान के सैंपलों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। सारी प्रक्रिया में जो फर्म एल-1 श्रेणी में आएगी, उसको ठेका दे दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले की 1791 कन्याओं का विवाह कराने के लिए छह माह पहले लक्ष्य आया था। नवंबर 2024 तक विवाह हो जाने चाहिए थे, लेकिन विभागीय अफसरों की लापरवाही की वजह से नहीं हो सके। पहले तो टेंडर प्रक्रिया में हीलाहवाली होती रही।
बाद में टेंडर किया गया, तो उसमें खेल हो गया। रामपुर की एक फर्म को टेंडर दिया गया, जो मानक में नहीं थीं। उसका टर्नओवर काफी कम था। इस पर सीडीओ ने उस टेंडर को निरस्त करते हुए नए सिरे से टेंडर कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी।
इधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी और पटल सहायक को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा। शासन ने समाज कल्याण अधिकारी राम जनम को निलंबित तो नहीं किया गया, लेकिन निदेशालय संबद्ध कर दिया। समाज कल्याण के खिलाफ कार्रवाई के बाद शासन ने पटल सहायक सौरभ गुप्ता को भी निदेशालय संबद्ध कर दिया।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि टेक्निकल टेंडर खोल दिए गए हैं, जिसमें 13 फर्मों ने आवेदन किए हैं। संबंधित फर्मों के दस्तावेजों की जांच शुरू करा दी गई है। जल्द से जल्द विवाह कराने की तैयारी है।