बाढ़ की आड़: वन माफिया का हरे पेड़ों पर चला आरा
रामनगर बगहा में काटे गए सैकड़ों पेड़, नहीं हुई कार्रवाई
एसडीएम ने रेंजर से तलब की प्लाईवुड आरा मशीनों की रिपोर्ट, वन विभाग में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। बाढ़ कटान क्या शुरू हुआ कि लकड़कट्टे बेधड़क नदी कटान का हवाला देकर धड़ल्ले से क्षेत्र में हरे पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रामनगर बगहा का सामने आया है, जहां वन माफिया ने लकड़कट्टों की मदद से सैकड़ों हरे पेड़ काटकर क्षेत्र की आरा मशीनों, प्लाईवुड फैक्ट्रियों पर पहुंचा दिए। इसके अलावा लकड़कट्टे शारदा और घाघरा नदियों के जरिए जंगल की लकड़ी काट कर पड़ोसी जिला सीतापुर के तंबौर और लहरपुर भेजते हैं। मामले को संज्ञान में लेकर एसडीएम ने रेंजर को पत्र जारी कर जवाब तलब किया है।
एक तरफ जहां नदियां किसानों की जिंदगी तबाह कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर वन माफिया इसी का फायदा उठाकर सैकड़ों हरे पेड़ों को रातों रात काट कर गायब कर रहे हैं। रामनगर बगहा गांव से सैकड़ों हरे भरे सेमल, शीशम, आम, जामुन के पेड़ रातों रात लकड़कट्टों ने काटकर क्षेत्र की प्लाईवुड और आरा मशीनों पर पहुंचा दिया। वहीं कुछ लकड़कट्टे वनरेंज के जंगल मटेरा प्रतापपुर गांवों के जंगलों से शीशम की लकड़ी भी काट कर नदी के रास्ते गायब कर दिया। यह लकड़कट्टे पेडों के लकड़ी क्षेत्र के लबेदपुर, कुशहा, अभयपुर के अलावा ईसानगर के मूसेपुर में तो बेचते ही है साथ ही वन विभाग की आंखों में धूल झोककर नदियों के रास्ते से पडोसी जिला सीतापुर के तंबौर और लहरपुर भी पहुंचाते हैं।
एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि इस बाबत क्षेत्रीय वन अधिकारी को पत्र जारी कर क्षेत्र में संचालित वैध अवैध प्लाईवुड फैक्ट्री, आरा मशीनों की सूची तलब की है। साथ ही वनमाफिया, ठेकेदारों पर की गई कार्रवाई से भी 14 सितंबर तक अवगत कराने को कहा है।
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धौरहरा रेंज के कटान प्रभावित इलाके में पेड़ों के कटान की सूचना मिली है स्वयं मौके पर निरीक्षण और जांच करने जा रहा हूं। सूचना सही मिली तो कार्रवाई होगी। अभी एसडीएम की तरफ से कोई नोटिस नहीं मिली है।
-अनिल शाह, रेंजर धौरहरा।