‘पानी नहीं लेने देते, मंदिर में फेंक कर दिए जाता है प्रसाद’ दिए जाने के बयान से लोगों में आक्रोश
इंडियन आइडल में प्रतिभागी करते समय सौरभ के दिए बयान से जिलेवासी खासे नाराज
- लोग बोले, ऐसे बयानों से जिले ही नहीं प्रदेश की छवि होगी धूमिल
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। इंडियन आइडल में भाग ले रहे लखीमपुर शहर के निवासी सौरभ वाल्मीकि ने शो में कहा था कि उसके साथ भेदभाव किया जाता था। उसे पानी नहीं लेने दिया जाता था। उसे मंदिर में प्रसाद भी फेंककर दिया जाता था। उसके यह बयान से जिले के लोगों में खासी नाराजगी है। सोशल मीडिया पर इसकी खासी भर्त्सना की जा रही है। उनका कहना है कि सौरभ के बयान से जिले की ही नहीं बल्कि प्रदेश की छवि भी देश भर में धूमिल हुई है।
सोशल मीडिया और यू ट्यूब पर जारी वीडियो में इंडियन आइडल के मंच पर शहर निवासी सौरभ वाल्मीकि कह रहे हैं कि जिले में उनके साथ भेदभाव हुआ है। उन्हें सार्वजनिक नल से पानी तक नहीं लेने दिया जाता था और मंदिर में भी प्रसाद फेंककर दिया जाता था। सोशल मीडिया पर जिसने भी यह सुना वह बौखला उठा और जहां लोग इंडियन आइडल में उसके विजेता बनने की दुआ कर रहे थे, वहीं लोग निंदा करने में लग गए। शहर के लोगों का कहना है कि सौरभ के इस बेतुके बयान से देश के अन्य प्रदेेशों में जिले ही नहीं प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। बता दें कि सौरभ से पहले शहर के सचिन बाल्मीकि भी इंडियन आइडल के जरिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर चुके हैं, जिन्हें जिले के लोगों ने हाथों हाथ लेकर वोटिंग कर एक मजबूत स्थान दिलाया था।