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इन समस्याओं पर भी गौर करें प्रभारी मंत्री जी
जर्जर सड़कें, अधूरे विकास और गन्ना भुगतान की है बड़ी समस्या
एक साल-बेमिसाल कार्यक्रम के तहत आज आएंगी गुलाब देवी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी मंगलवार को सरकार के एक साल-बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित करेंगी। वह इस दौरान सरकार की योजनाओं और जिले की उपलब्धियों के बारे में भी बताएंगी, लेकिन पिछले एक साल पर नजर डालें तो न तो कोई प्रोजेक्ट पूरा हो सका और न ही कोई नई परियोजना को ही मंजूरी मिली। अलबत्ता, जिला अस्पताल को हार्ट स्पेलिस्ट, रोडवेज बस अड्डा के लिए भूमि और निगम की बसें, सड़कों के निर्माण और गन्ना भुगतान की समस्या को लेकर साल पर लोग जूझते रहे। वहीं पिछली सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन, ओयल में बन रहे दो सौ बेड के महिला एवं शिशु कल्याण के लिए अस्पताल और ट्रामा सेन्टर का भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। वजह है कभी इन निर्माण कार्यों में जांच तो कभी धन की कमी के कारण इनका निर्माण ठप होता रहा, जिससे जरूरत के बाद भी यह योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। काश, प्रभारी मंत्री गुलाब देवी इन समस्याओं के समाधान पर भी कोई आदेश देतीं तो जिले की जनता को उम्मीदें मिल जातीं। प्रस्तुत है जिले की प्रमुख समस्याओं पर एक रिपोर्ट:-
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लखीमपुर डिपो को अब
तक नहीं मिली जमीन
रोडवेज बस अड्डा शहर के बीच में स्थित है। वहीं बसों की संख्या के सापेक्ष डिपो में जगह नहीं है, जिसके चलते अभी तक डिपो उधार की बसों के सहारे चल रहा है। हालांकि डिपो अधिकारियों ने छाउछ के पास जमीन देखी थी और इसके लिए जिला प्रशासन को लिखा पढ़ी की थी, लेकिन वह सब फाइलों तक ही सीमित रही। लखीमपुर डिपो, वर्कशाप आदि के निर्माण के लिए परिवहन विभाग को पांच एकड़ जमीन की जरूरत है। भाजपा सरकार बनने के बाद उम्मीद बंधी थी कि रोडवेज को भूमि मिल जाएगी और वर्कशाप निर्माण होने से निगम की बसें भी मिल जाएंगी।
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जिला अस्पताल को हार्ट
का डॉक्टर तक नहीं मिला
जिले की आबादी 45 लाख के करीब है, लेकिन जिले में एक भी हार्ट का डॉक्टर नहीं है, जबकि प्रभारी मंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक से हार्ट डॉक्टर की मांग की जा चुकी है, लेकिन सिवाय आश्वासन के अब तक इस संबंध में कुछ हुआ नहीं है। इससे लोगों को नाउम्मीदी मिली।
चीनी मिलों पर 12.40 अरब से अधिक बकाया, फिर भी सुधि नहीं
गन्ना किसानों को भुगतान करने के मामले में सभी चीनी मिलों ने अड़ियल रवैया अपना रखा है। योगी सरकार के आदेश और गन्ना एक्ट के प्रावधानों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं। फिर भी शासन और प्रशासन सुधि नहीं ले रहा। मिलों ने 12 अरब 40 करोड़ 21 लाख 28 हजार रुपये (14 दिन से पूर्व तक) भुगतान दबा रखा है। सबसे ज्यादा 8.31 अरब रुपये बजाज ग्रुप की तीन मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और एडवांटेज ग्रुप की गोविंद शुगर मिल ऐरा पर 2.05 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। इसी तरह डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर मिल पर 31.28 करोड़, बलरामपुर ग्रुप की कुंभी पर 32.55 करोड़, गुलरिया पर 29.15 करोड़, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां पर 48.60 करोड़ और संपूर्णानगर मिल पर 61.26 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है।
इन समस्याओं को पहले
भी उठाया जा चुका है
- ओयल में पिछली सरकार के कार्यकाल से बन रहे दो सौ बेड के मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र का अधूरा निर्माण।
- पिछली सरकार के ही प्रोजेक्ट ट्रामा सेन्टर का निर्माण ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
- लखीमपुर से सीतापुर तक 45 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण दिसंबर 2016 तक होना था, लेकिन अभी भी हाल में निर्माण पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
- जिले में एंटी रोमियो स्क्वाएड टीम अब निस्क्रिय है, जिससे लड़कियों और महिलाओं में असुरक्षा की भावना।
- शौचालय का निर्माण कार्य अब भी 75 प्रतिशत शुरू नहीं हो सके।
- स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर डालें तो न तो स्टाफ है और न ही संसाधन।
- जिले की 70 प्रतिशत सड़कें जर्जर हैं।
- स्वच्छता अभियान के बाद भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की ओर ध्यान तक नहीं।
जिले की प्रभारी मंत्री का ये है कार्यक्रम
02:00 बजे: जिला पंचायत सभागार में एक साल-बेमिसाल कार्यकर्ता सम्मेलन में संबोधन।
03:00 बजे: प्रदेश सरकार के एक साल पूरे होने पर पत्रकार वार्ता जिला पंचायत में।
03:30 बजे: मंडी परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में वर-वधू को आशीर्वाद देंगी।