स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को ओडीएफ कराने के लिए शौचालय निर्माण कार्य में कई गुना अधिक तेजी लाई जाएगी। इसके लिए संसाधनों की आड़े आ रही कमी को दूर करने के लिए पंचायत राज विभाग बड़े पैमाने पर स्वच्छताग्राहियों का चयन करेगा। समाजसेवा के तौर पर स्वच्छताग्राहियों को काम करना होगा, जिसके लिए उन्हें बतौर प्रोत्साहन प्रति शौचालय निर्माण कराने पर 150 रुपये इंसेटिव दिया जाएगा। टिगरिंग टीम में शामिल होने वाले स्वच्छताग्राहियों को 230 रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जाएगा।
बता दें कि 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलाए गए स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान गांवों में पांच गुना अधिक शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इससे प्राप्त नतीजों ने सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए निर्धारित समय सीमा दो अक्तूबर 2018 तक लक्ष्य काफी बड़ा प्रतीत हुआ था, जिसमें सुधार के लिए अधिकारियों ने नए सिरे से जिलावार समय सीमा का निर्धारण किया था।
इसके मुताबिक लखीमपुर को ओडीएफ करने में चार वर्ष का समय लग सकता है, वह भी तब जब पांच गुना (प्रतिदिन 325 शौचालय) अधिक शौचालय निर्माण किए जाएं। स्वच्छताग्राहियों का चयन करने के लिए सीडीओ अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जिसमें डीडीओ अनिल सिंह, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीएसटीओ एसपी वर्मा और यूनिसेफ के प्रतिनिधि वासू मिश्रा को सदस्य बनाया गया है। यह टीम विकास भवन सभागार में 17 और 18 अक्तूबर 2017 को इच्छुक आवेदकों की स्क्रीनिंग करेगी। आवेदकों के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है, जिनमें बोलने और लोगों को समझाने में निपुण को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा समाजसेवा से जुड़े हुए समूहों, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवाओं को प्रथम वरीयता मिलेगी।
प्रतिदिन 720 शौचालय निर्माण की जरूरत
अभी औसतन 270 से 300 शौचालय प्रतिदिन बनाए जा रहे हैं, जबकि प्रतिदिन 720 शौचालय बनाने की जरूरत है। तभी दो अक्तूबर 2018 तक जिले को ओडीएफ किया जा सकता है।
समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता विधा के क्रियान्वयन के लिए स्वच्छताग्राहियों का चयन किया जा रहा है। इच्छुक युवाओं के पास समाजसेवा के साथ ही पैसा कमाने का अच्छा अवसर है। गांवों में प्रति शौचालय बनवाने पर कुल 150 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसमें 75 रुपया गांव के ओडीएफ होने पर मिलेगा। इसके अलावा पूरा गांव ओडीएफ घोषित पर एकमुश्त पांच हजार का इनाम स्वच्छताग्राही को दिया जाएगा।
- चंद्रिका प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी