स्लग- केन्द्र सरकार ने बढ़ाया दो सौ रुपये समर्थन मूल्य
तो धान की बढ़ी कीमत से किसानों को मिलेगी राहत
धान बुवाई का रकबा 2105 हेक्टेअर बढ़ने का लक्ष्य
2017 में एजेंसियों ने खरीदा 166053 मीट्रिक टन धान
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। केन्द्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में दो सौ रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। इससे किसान खुश हैं। पहली बार समर्थन मूल्य में एकसाथ इतनी वृद्धि हुई है। विडंबना है कि धान की खेती करने वाले किसानों की संख्या लाखों में हैं, लेकिन सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिक्री करने वाले किसानों की संख्या हजारों में सिमट जाती है। उम्मीद है कि इस बार समर्थन मूल्य 1550 रुपये से बढ़ाकर 1750 रुपये किए जाने से किसान सरकारी केन्द्रों पर धान बेचने के लिए जरूर कमर कसेंगे।
हाल में हुई बारिश से जिले में धान की रोपाई तेज हो गई है। कृषि विभाग के मुताबिक पिछले वर्ष 179639 हेक्टेअर धान की बुवाई हुई थी, जो इस बार बढ़कर 181744 हेक्टेअर रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी धान की रोपाई प्रारंभ हुई है और समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा किए जाने से धान का एरिया बढ़ सकता है। जनपद में करीब पांच लाख 26 हजार 17 पंजीकृत किसान हैं, जो गन्ने के साथ धान और गेहूं की खेती करते हैं। अभी तक धान की उपज सरकारी क्रय केन्द्रों पर बेचने में किसानों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। इसकी बानगी है कि वर्ष 2017 में सरकार ने 294190 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया था। इसके सापेक्ष 166053 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। खास बात यह है कि सिर्फ 15941 किसानों से यह खरीद की गई, जिसका प्रति किसान 100 क्विंटल से अधिक औसत है। इससे जाहिर है कि एजेंसियों ने मनमाने तरीके से किसानों के बजाय ज्यादातर धान की खरीद बिचौलियों से की। खुलासा होने पर कुछ दिन पहले एक केन्द्र प्रभारी, किसान और बिचौलिया पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
5.61 लाख एमटी से अधिक हुआ था धान का उत्पादन
वर्ष 2017 में 179639 हेक्टेअर में धान की बुवाई हुई थी, जिससे 561552 मीट्रिक टन धान उत्पादन हुआ था। इस वर्ष 2105 हेक्टेअर क्षेत्रफल में वृद्धि के साथ 578973 मीट्रिक टन धान उत्पादन का अनुमान है। सरकार के समर्थन मूल्य का लाभ पाने में पिछले वर्ष भी किसान मायूस हुए थे। इस बार धान खरीद पॉलिसी में किसानों को सहूलियत दिए जाने की दरकार है ताकि किसान सरकारी केन्द्रों पर अपना धान आसानी से बेच सकें, तभी बढ़े हुए समर्थन मूल्य का फायदा किसानों को मिलेगा।
वर्जन......
बिचौलियों पर अंकुश लगाने की तैयारी
धान खरीद में गन्ना विभाग की तर्ज पर पर्चियां जारी किए जाने पर सरकार मंथन कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो निश्चित ही किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों का पंजीकरण के अलावा उन्हें पर्चियां जारी करने पर विचार किया जा रहा है। इससे बिचौलियों को क्रय केन्द्रों से दूर रखा जा सकेगा और वास्तविक किसान ही अपना धान बेच सकेंगे।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
वर्जन.........
मौसम अनुकुल रहने से अच्छा होगा उत्पादन
जनपद में करीब 50 प्रतिशत क्षेत्रफल में धान की रोपाई हो चुकी है। दो दिन हुई अच्छी बारिश से धान रोपाई में तेजी आई है। मौसम अनुकुल रहने से अच्छा उत्पादन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष उत्पादकता में 3.10 प्रतिशत की वृद्धि का भी अनुमान है।
- लालबहादुर यादव, उप निदेशक कृषि
बोले किसान....
समर्थन मूल्य का नहीं मिला लाभ
04एलकेएच502
हरदुआ गांव निवासी किसान राजाराम ने बताया कि 10 साल से एक एकड़ भूमि में धान की रोपाई करते हैं, लेकिन आज तक समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिला। वजह है कि क्रय केन्द्र पर उनके धान में नमी बताकर खरीदने से मना कर दिया जाता है। दलालों का धान तुरंत खरीद लिया जाता है।
क्रय केन्द्रों पर दलालों का खेल
04एलकेएच 503
गुलाबनगर गांव निवासी किसान मुश्ताक अली ने कहा कि गोला तहसील के सरकारी क्रय केन्द्रों पर केंद्र प्रभारी की जगह दलाल खरीद करते हैं। ये दलाल फसल बिक्री के लिए केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों के धान की क्वालिटी खराब और नमी की बात कहकर टरका देते हैं।
दलालों की हो गई बल्ले-बल्ले
04एलकेएच 504
अर्जुनपुर गांव निवासी किसान रमेश राज का कहना है कि सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1550 से बढ़ाकर 1750 किया है। इससे किसानों को कोई राहत नहीं मिलेगी, बल्कि दलाल मौज उड़ाएंगे।
हैंडलिंग ठेकेदारों के सामने बेबस दिखते केंद्र प्रभारी
04एलकेएच 505
बांकेगंज निवासी किसान सुशील भार्गव ने बताया कि सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर हैंडलिंग ठेकदारों के सामने केंद्र प्रभारी बेबस नजर आते हैं। फसलों की बिक्री के लिए पहुंचने पर किसानों को घोषित समर्थन मूल्य से कम मूल्य देकर धान खरीदा जाता है। सरकार की लाख कोशिश के बाद दलाली रुक नहीं पा रही है।