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बिहारीपुर फार्म के खेतों में बने बाघ के पगचिन्ह, दहशत

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लखीमपुर खीरी/ममरी। बिहारीपुर फार्म के समीप खेतों में खूनी बाघ के पगचिन्ह् मिलने और उसकी फुटेज कैमरे में कैद होने से क्षेत्रवासियों में दहशत है। वहीं माता भुइयां देवी के मंदिर पर 23 नवंबर को लगने वाले अर्द्धवार्षिक मेले पर भी बाघ की दहशत का असर पड़ा है। बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने और पगचिन्ह् मिलने की पुष्टि रेंजर एसएन यादव आदि वनकर्मियों ने भी की है।
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बिहारीपुर फार्म के राजपाल सिंह, इकबाल सिंह, अमरजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, अरविंद सिंह, हरविंदर सिंह, चरनपाल सिंह आदि का कहना है कि शनिवार सवेरे बाघ के पगचिन्ह् फार्म के दक्षिण खेतों में फिर देखे जाने और उसकी तस्वीर कैमरे में कैद होने से क्षेत्र में दहशत है। मजदूरों ने गन्ने की छिलाई बंद कर दी है। वहीं माता भुइयां देवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि बाघ जिस स्थान पर है, वहां से माता भुइयां देवी मंदिर की दूरी एक किलोमीटर है, जहां 23 को अर्द्धवार्षिक मेला होना है। बाघ की दहशत का प्रभाव मेले पर पड़ सकता है। श्रद्धालु मंदिर जाने से घबरा रहे हैं। मंदिर का रंग-रोगन भी नहीं हो पा रहा है।
बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने और उसके पगचिन्ह् मिलने की पुष्टि वनकर्मियों ने भी की है। रेंजर का कहना है कि 21 अक्तूबर को अशर्फीगंज के युवक लालाराम पर हमला कर मौत के घाट उतारने और नीलगाय को निवाला बनाकर बाघ 13 दिन गन्ने के खेतों से जंगल में चला गया था। बाद में फिर उसने अपना रूख जंगल से सटे खेतों की तरफ कर दिया, जिसकी निगरानी हो रही है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
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