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वैज्ञानिक तरीके से की खेती, एक एकड़ में 33 क्विंटल हुआ धान

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लखीमपुर-महेवागंज। वैज्ञानिक विधि से खेती कर धान की अधिक पैदावार करने वाले बढ़ैया छोलाबारी गांव के किसान को हैदराबाद की एक सीड कंपनी ने वाशिंग मशीन देकर सम्मानित किया। वहीं चौपाल लगाकर किसानों को अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण फसल उत्पादन के वैज्ञानिक गुर भी बताए।
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बुधवार को लखीमपुर जिले के पसगवां ब्लॉक के फतेहपुर में एक चौपाल लगाई गई। कृषि विशेषज्ञों मलखान सिंह, प्रभाकर पांडेय आदि ने गोष्ठी में किसानों को बताया कि किसान जुताई के पहले प्रति एकड़ के हिसाब से 50 किलो देसी गोबर की खाद का इस्तेमाल करें। इससे खेत की मिट्टी ताकतवर और बलदार होकर फसल के लिए तैयार हो जाती है। धान रोपाई से पहले किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच जरूर कराएं। किसानों को नर्सरी तैयार करने की विधि बताई। साथ ही जरूरत के अनुसार फसल में नाइट्रोजन, कैल्शियम, पोटाश और आयरन की खुराक समय से देने को बताया। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि किसान खेतों में केंचुए, जैविक और हरी खाद का ही इस्तेमाल अधिक करें। कीटनाशक के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी जहरीली और खराब होती जा रही है। जिसका असर सीधे हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। चौपाल में बढ़ैया छोलाबारी गांव के किसान अमरेश कुमार को विजेता चुना गया। किसान अमरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ में 33 क्विंटल की उपज दी। इसपर कंपनी के आरएम ने किसान को वाशिंग मशीन देकर सम्मानित किया। इस मौके पर रविंद्र, इरफान, पंकज गुप्ता, संतोष कुमार राठौर आदि रहे।
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