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आठ कारोबारियों के खिलाफ 13.50 लाख की आरसी जारी

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लखीमपुर खीरी। आठ कारोबारियों पर एडीएम कोर्ट ने 13.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। उसे निर्धारित अवधि में जमा न करने पर आरसी (वसूली प्रमाण पत्र) जारी की गई है। अब तहसील प्रशासन जुर्माने की रकम को भू-राजस्व की तरह वसूलेगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने इन कारोबारियों के खिलाफ विभिन्न आरोपों में एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए थे, जिसके बाद वर्ष 2018 में एडीएम अरुण कुमार सिंह ने जुर्माना लगाते हुए एक सप्ताह में धनराशि जमा करने का आदेश दिया था।
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एफएसडीए ने सदर कोतवाली के महेवागंज (सिंगावर) निवासी अताउल्ला की मीट की दुकान पर तीन फरवरी 2017 को छापा मारा था। इसमें दुकानदार पंजीकरण के कागज नहीं दिखा सका था। वाद दायर होने के बाद एडीएम कोर्ट ने बगैर पंजीकरण के मीट बेचने का आरोप सिद्ध होने पर 27 अगस्त 2018 को 1.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। इसी तरह महेवागंज निवासी शकील की मीट की दुकान का तीन जून 2017 को निरीक्षण किया गया, पंजीकरण न मिलने पर कोर्ट ने शकील पर भी 1.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया। धौरहरा क्षेत्र के गांव परौरी निवासी अशरफ अली के गुड़ बनाने वाले कोल्हू का पंजीकरण भी नहीं मिला। 26 सितंबर 2018 को एक लाख रुपये जुर्माना लगा। गोला क्षेत्र के गांव देवरिया रसूलपुर निवासी रमेश की दुकान से आठ मार्च 2013 को भरा गया आयोडाइज्ड नमक (कुक फूड) का नमूना अधोमानक पाया गया था, जिस पर एडीएम कोर्ट ने 27 सितंबर 2018 को कारोबारी के खिलाफ 3.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। सिंगाही के वार्ड दो निवासी श्रीराम द्वारा बगैर पंजीकरण के चिकन बेचने पर 26 सितंबर 2018 को 1.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया था। सिंगाही के वार्ड दो निवासी चांद मोहम्मद भी बगैर पंजीकरण के चिकन बेचते पाए गए थे, इन पर भी 1.50 लाख रुपये जुर्माना लगा था। फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव मौजमाबाद निवासी रफीक अहमद भी बिना पंजीकरण के होटल चलाते पाए गए, 27 सितंबर 2018 को इन पर एक लाख रुपये जुर्माना लगा था। मोहम्मदी क्षेत्र के गांव छेड़ीपुर निवासी रहीस के पास से दूध का नमूना भरा गया था, जो अधोमानक मिला था, लिहाजा एडीएम कोर्ट ने सात अगस्त 2018 को रहीस पर दो लाख रुपये जुर्माना लगाया था। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने सभी कारोबारियों को जुर्माने की रकम एक सप्ताह में जमा करने के आदेश दिए थे, लेकिन कई माह बीत जाने पर दुकानदारों ने जुर्माने की रकम जमा नहीं की है।

इन कारोबारियों ने निर्धारित अवधि में जुर्माने की धनराशि जमा नहीं की है और न ही अपीलीय कोर्ट में गए। इसलिए आठ कारोबारियों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई की गई है, जिससे संबंधित तहसीलों के द्वारा भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
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- डॉ. अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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