ममरी (लखीमपुर खीरी)। देवीपुर बीट के जंगल से पांच किलोमीटर दूर गुरुवार सुबह नरसिंहपुर गांव के समीप बाघ के पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई है। लोग अपने खेतों की ओर जाने से कतराने लगे हैं। घरों के आसपास भी झुंड बनाकर ही रह रहे हैं।
नरसिंहपुर के श्रीपाल सिंह, रामपरेश, डॉ. बाबूराम वर्मा आदि ने बताया कि सुबह लोग जब खेतों की ओर गए तो उन्हें गांव के पश्चिम मनोहरलाल के मकान के पास बाघ के पगचिह्न मिले। यहां से देवीपुर बीट की दूरी महज पांच किमी है। गांव वालों का कहना है कि पिछले महीने गांव के समीप आए बाघ ने एक बैल, एक पछड़े को अपना शिकार बनाया था। आबादी के करीब बाघ के पगचिह्न मिलने से ग्रामीण डरे सहमे हैं। गांव वालों का अनुमान है कि बाघ गन्ने के खेतों में मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि बाघ के पगचिह्न मिलने के संबंध में वनकर्मियों को सूचना देने का प्रयास किया गया लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। बाद में पता चला कि सभी वनकर्मी गोला में हो रही अधिकारियों की बैठक में मौजूद थे। हालांकि गांव के लोग सजगता बरत रहे हैं। हर कोई अकेले खेत में जाने से बच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सब से अधिक डर बच्चों को लेकर है। उन्हें अकेले खेतों की ओर नहीं जाने दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और बाघ की लोकेशन जल्द से जल्द पता करवा कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।