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विवाद निपटाने को पुलिस कर रही सुलह समझौते का प्रयास

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आरक्षी को बचाने के लिए समझौते के प्रयास में जुटी गोला पुलिस
पीड़ित परिवार मानने को तैयार नहीं
मां बोली पुलिस ने नहीं कराया बेटे का मेडिकल


अमर उजाला ब्यूरो
गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली के गांव लखरावां में दो पक्षों के जमीनी विवाद में सिपाही की पिटाई से युवक की हालत बिगड़ने के मामले में गोला पुलिस पीड़ित परिवार से सुलह समझौते का प्रयास कर रही है। लेकिन पीड़ित परिवार मानने को तैयार नहीं है। वहीं पिटाई से घायल युवक की मां ने बताया कि पुलिस ने अलीम का मेडिकल तक नहीं कराया है।
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लखरावां निवासी हशीमा बानो ने बताया कि उसके पिता अलताफ हुसैन ने अपने दोनों नातियों को अपना मकान रहने के लिए दे दिया था। एक वर्ष पूर्व पिता की मौत के बाद हशीमा का बड़ा भाई अख्तर मकान खाली कराने के लिए प्रयास करने लगा, जिसका मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। गुरुवार को दोनों पक्षों में विवाद के मामले में मूड़ा सवारान पुलिस पिकेट पर बुलाया गया, जहां आरक्षी राणाप्रताप और राजीव वर्मा ने एकपक्षीय समझौता कराते हुए कलीम, अलीम पर दबाव बनाया, न मानने पर आरक्षी राणाप्रताप ने कलीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। बचाव में पहुंचे अलीम को इतना पीटा कि उसके नाक और मुंह से खून आने लगा। हालत बिगड़ने पर आरक्षी राणाप्रताप ने स्वयं अलीम को पहले मूड़ा पीएचसी फिर गोला सीएचसी लाए, लेकिन डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अब पुलिस पीड़ित परिवार से सुलह समझौते का प्रयास कर रही है, लेकिन परिवार आरक्षी के निलंबन से नीचे कम कार्रवाई पर मानने को तैयार नहीं हैं। युवक की मां हशीमा का कहना है कि पुलिस ने कार्यवाही करना तो दूर अलीम का मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया है, जिसकी हालत अभी गंभीर है। उधर इस बाबत कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र के अनुसार, दोनों पक्षों में मकान को लेकर विवाद है। पुलिस द्वारा किसी से मारपीट नहीं की गई है। आरोप गंभीर है। दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता कराकर मामला शांत कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही मामले की जांच भी कराई जाएगी।
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