पुलिस और वनमाफिया का
किला तोड़ना आसान नहीं
मुठभेड़ समेत 22 से अधिक मामले हैं दर्ज
- खुलेआम बेखौफ होकर घूम रहे वनमाफिया
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
वन अपराधियों पर नकेल कसने को वन विभाग और पुलिस के अफसर भले ही सजग हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर वनमाफिया और पुलिस का गठजोड़ भारी पड़ रहा है। ऐसा ही देखने को मिला कस्बा बेलरायां में। मुठभेड़ सहित 22 से अधिक मामले वन, वनजीव के शिकार आदि के दर्ज होने के बाद भी वनमाफिया खुलेआम घूम रहे हैं। स्थानीय एक वनमाफिया और चौकी पुलिस के बीच मोह की चर्चा इन दिनों जोरों पर है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के संरक्षित जोन में कई बार वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला करने, वन जीवों का शिकार करने सहित 22 से अधिक संगीन मामले में गांव कुशाही (बेलरायां) निवासी एक वनमाफिया के खिलाफ दर्ज हैं। करीब डेढ़ महीने पहले वनविभाग की टीम पर दुधवा टाइगर रिजर्व में जानलेवा हमला करने के आरोपी वनमाफिया और उसके साथियों के खिलाफ कोतवाली तिकुनियां में रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। एसपी ने माफिया को गिरफ्तार करने के निर्देश भी दिए थे। इस पर वनमाफिया भूमिगत हो गया था।
पुलिस सूत्रों की मानें तो चौकी पुलिस और वनमाफिया के बीच सांठगांठ हो गई। पुलिस का संरक्षण मिलने के बाद से आरोपी वनमाफिया बेखौफ हो गया। वर्तमान समय में उसे खुलेआम घूमते देखा जा सकता है, लेकिन संरक्षण होने के कारण स्थानीय पुलिस उसे गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठा रही है।
सम्मनों के नाम पर होती है वसूली
क्राइम कंट्रोल करने की बजाय बेलगाम हुई चौकी पुलिस अब सम्मनों पर भी लोगों से अवैध वसूली कर रही है। पुलिस सम्मन को वारंट बताकर अवैध वसूली करती है। बाद में तामीला दिखाकर वापस भेज देती है।
जो लोग फरार हैं। सभी की गिरफ्तारी होगी और जेल भेजे जाएंगे। कई दिनों से चौकी पुलिस की शिकायतें आ रही हैं। सम्मन पर हुई वसूली की यदि कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- सविरत्न गौतम, सीओ निघासन