लखीमपुर खीरी/ममरी।
वन कर्मियों द्वारा गन्ने के खेत में निरंतर कांबिंग की जाने के बावजूद भी खूनी बाघ अभी तक ग्राम नयागांव, बिहारीपुर के दक्षिण गन्ने के खेतों में मौजूद है। चार सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बाद भी बाघ की तस्वीर भी कैमरों में कैद नहीं हो पाई है। पांच दिनों से गन्ने के खेतों में विचरण कर रहे बाघ की दहशत समूचे क्षेत्र में फैली है, बच्चे स्कूल जाने से भी घबरा रहे हैं।
मालूम हो कि 21 अक्तूबर को खेत में गन्ने की पत्ती काटने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) को बाघ ने हमला कर मार डाला था, तभी से खूनी बाघ लीलापुर, पन्नापुर, बिहारीपुर, नयागांव के इर्द गिर्द अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बनाए हुए है। बाघ की निगरानी में लगे मोहम्मदी महेशपुर, गोला, मैगलगंज के वनकर्मियों द्वारा गन्ने के खेतों में निरंतर कांबिंग की जाने और सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद भी उसने अपना रुख जंगल की ओर नहीं बदला है। रेंजर एसएन यादव ने बताया कि बाघ की तस्वीर अभी तक किसी कैमरे में कैद नहीं हो पाई है, मिल रहे पदचिन्हें के आधार पर बुधवार को बाघ की लोकेशन लीलापुर गांव के दक्षिण फकीर बाबा स्थान के पास गन्ने के खेत में मिली थी। गुरुवार की सुबह उसका मूवमेंट नयागांव, बिहारीपुर गांव और जंगल के बीच गन्ने के खेतों में मिला। वन कर्मियों की टीम बाघ का रुख जंगल की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही है, साथ ही क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने और खेतों की ओर न जाने की सलाह दी गई है।