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भाइयों के माथे पर टीका
लगा बिलख पड़ीं बहनें
बहनों के प्यार के आगे जेल प्रशासन पसीजा, जेल अधीक्षक ने मिलने की अनुमति दी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
बहनों के प्यार के आगे जेल प्रशासन भी पसीज गया। जेल में बंद भाइयों को टीका लगाने पहुंची महिलाओं को जब यह पता चला कि मिलाई नहीं होगी तो वह जेल अधीक्षक के आवास पर पहुंच गईं। जेल अधीक्षक के आदेश पर बहनों ने मुलाकाती पर्ची बनवाई और भाइयों का टीकाकर मिष्ठान खिलाया। उनकी लंबी आयु की कामना की।
शनिवार को बंदियों की उनके परिवार वालों से मुलाकात नहीं कराई जाती है। इस बार भैया दूज भी शनिवार को था। उच्च अफसरों का कोई आदेश शुक्रवार की शाम तक स्थानीय जेल प्रशासन नहीं मिला था। इससे मुलाकात को लेकर पसोपेश का माहौल था। देर शाम तक कोई आदेश नहीं मिला तो जेल प्रशासन ने बहनों की मुलाकात न कराने का निर्णय ले लिया। शनिवार की सुबह करीब सात बजे से जेल परिसर में बहनों की भीड़ जुटने लगी। बहनें काफी उत्साहित थीं। उन्हें जब यह पता चला कि शनिवार है और उनकी बंदी भाइयों से मुलाकात नहीं हो सकेगी। इस पर बहने मायूस हो गईं। कई बहने जेल अधीक्षक के आवास पर पहुंची और उनसे मिलकर बंदी भाइयों से मुलाकात कराने की मांग की। बहनों के उत्साह और प्यार ने जेल अधीक्षक को मुलाकात का आदेश करने के लिए मजबूर कर दिया। इधर जेल अधीक्षक का आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने मिलाई की प्रक्रिया शुरू करा दी। बहनों ने मुलाकाती पर्ची बनवाई और जेल में बंद भाइयों से मुलाकात कर रोली-टीका लगाया और मुंह मीठा कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी अपने बहनों को उपहार दिए।
पिछले बार छह सौ से अधिक बहनों ने जेल में पहुंचकर भाइयों का टीका कर मिष्ठान खिलाया था। इस बार यह संख्या करीब दो सौ के करीब रही।
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भाई-बहन का प्रमुख त्योहार होने के कारण बहनों की बंदी भाइयों से मुलाकात कराई गई है। इस बार करीब दो सौ बहनों ने तिलक कर भाइयों को मिष्ठान खिलाया है।
-आरबी पटेल, जेल अधीक्षक