शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां के चंद्रघंटा स्वरूप की आराधना की। देवी मंदिर घंटा घड़ियाल और मां के जयकारों से गूंजते रहे। घरों और मंदिरों में होने वाले हवन से वातावरण सुवासित रहा। देवी मंदिरों में सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। शहर में कई जगह देवी जागरण के कार्यक्रम हुए। संकटा देवी मंदिर में देवी भागवत कथा हुई।
शहर के सबसे प्राचीन संकटा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही भक्तों का तांता लग गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन और पूजन किया। मंदिर में दोपहर की आरती होने तक कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद मंदिर के कपाट खुलते ही फिर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। दोपहर में श्रीमद्देवी भागवत कथा सुनने वाले लोगों की भीड़ रही।
शहर के अन्य प्राचीन देवी मंदिरों- शीतला देवी मंदिर, वंकटादेवी मंदिर, भुइंया माता मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना और धार्मिक आयोजनों का दौर जारी रहा।
बांकेगंज में दुर्गा पूजा महोत्सव की धूम
बांकेगंज।
कस्बे में आयोजित 30वें दुर्गा पूजा महोत्सव पंडाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पं. कुसुम शास्त्री ने पूतना वध की कथा सुनाई। कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश, हर-हर महादेव, मां दुर्गा और नटखट नंदलाल के जयकारे लगाए। समापन के बाद आरती प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष गोविंद राम गोयल सहित व्यास गद्दी सेवादार और भक्त मौजूद रहे।