लखीमपुर खीरी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से आहत शिक्षामित्रों ने वृहस्पतिवार से दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया। बीएसए कार्यालय पर जिले भर से शिक्षामित्रों ने एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया जिसके बाद सभी शिक्षामित्र जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम कार्यालय का घेराव करते हुए नारेबाजी की और एडीएम को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। इसके बाद शिक्षामित्र डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए जिसके करीब आधे घंटे बाद डीएम आकाशदीप ने ज्ञापन लिया। इसके बाद शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे और शुक्रवार को प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति बनाई।
संयुक्त समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्र संघ की अगुवाई में एकजुट हुए शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्र पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बनारस में हुई एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षामित्रों की समस्या समाधान का आश्वासन दिया था। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद शिक्षामित्रों के सामने बच्चों के पालन-पोषण से लेकर शिक्षा तक की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। संजय मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के बड़े अधिकारी शिक्षामित्रों को गुमराह कर रहे हैं। 10 हजार रुपये मानदेय देने की बात कही जा रही है जो स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन कराकर सहायक अध्यापक पद पर पुन: बहाली की जाए। इस प्रक्रिया के पूरी होने तक समान कार्य समान वेतन व्यवस्था लागू की जाए। शिक्षामित्रों से प्रांतीय निर्देशों के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अपील की गई। लखनऊ में 21 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर शिक्षामित्रों ने चर्चा की। धरने को राजेश कुमार, चंद्रेश वर्मा समेत कई शिक्षामित्रों ने संबोधित किया।
19 तक जिले में फिर लखनऊ करेंगे कूच
शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन 19 अगस्त 2017 तक जिला मुख्यालय पर चलेगा, जिसके बाद 21 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने के लिए लखनऊ कूच करेंगे। इस कड़ी में शुक्रवार को शहर के मुख्य मार्गों पर शिक्षामित्र रोड मार्च करेंगे।