लखीमपुर खीरी। बरसात के मौसम में शिकार और अन्य वनापराधों को रोकने के लिए वन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरसात के दिनों में जंगल के रास्तों पर पानी भर जाने से जंगल की गश्त मुश्किल होती है। वनापराध होने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम को समय से पहुंचने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में शिकारी और वनापराधी सक्रिय हो जाते हैं। इस दौरान जंगल की सुरक्षा के लिए निगरानी टीमों और फील्ड कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया है।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ अखिलेश पांडेय ने बताया कि बारिश के मौसम में शिकार और अन्य वनापराधों की आशंका से फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। प्रभाग की सभी छह रेंजों में बीट वार टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें वन दरोगा के नेतृत्व में जंगल गश्त करेंगी। वनापराधों की सूचना सही समय पर टीम को मिल सके इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। इसमें जंगल के आसपास बसे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को भी सूचना तंत्र में शामिल किया गया है। टीमों की मॉनीटरिंग खुद रेंजर करेंगे। एसडीओ और डीएफओ भी समय-समय पर इन टीमों की कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे।
उप प्रभागीय वनाधिकारी गोला आरएन मिश्र ने बताया कि बरसात के मौसम में जंगल की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में वन विभाग विशेष सतर्कता बरतता है। मानसून आने के पहले ही जंगल की सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए लिए गए हैं। इसके लिए फील्ड कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र के शिकारियों और वनापराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग की टीमें 24 घंटे जंगल की निगरानी करेंगी। बरसात के दौरान जंगल गश्त के लिए टीमों को जरूरी उपकरण और साजोसामान जैसे लांग बूट, टार्च रेनकोट आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अखिलेश पांडेय, डीएफओ साउथ खीरी।