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लकड़ी भरा ट्रैक्टर-ट्रॉला पलटा, मजदूर की मौत
ट्रैक्टर का पिछला टायर फटने से हुआ हादसा
सेमल भरकर रौलीपुरवा प्लाईवुड मिल जा रहा था ट्रॉला
परमिट न होने पर वनविभाग ने किया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
निघासन। ओवरलोड सेमल भरकर एक प्लाईवुड फैक्ट्री जा रहे ट्रैक्टर का पिछले पहिये के टायर का ट्यूब अचानक फट गया, जिससे अनियंत्रित हुआ ट्रैक्टर ट्रॉला समेत हंजरा फार्म के पास पलट गया। ट्रैक्टर पर बैठे एक मजदूर की लकड़ी के बोटों के नीचे दबकर मौत हो गई। चालक समेत तीन मजदूरों की जान बच गई। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर चालक को हिरासत में लिया है। उधर, बिना परमिट चोरी से सेमल काटने के कारण वन विभाग ने भी जुुर्माना किया है।
झंडी चौकी क्षेत्र से सेमल का कटान करके सोमवार सुबह ट्रैक्टर चालक ट्रॉला में लकड़ी भरकर रौलीपुरवा स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री पर ले जा रहा था। ट्रैक्टर पर तीन मजदूर सवार थे। पुलिस और वन विभाग से बचने के लिए चालक तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चला रहा था। ढखेरवा-निघासन स्टेट हाइवे पर हंजरा फार्म के पास अचानक ट्रैक्टर का पिछले पहिये के टायर का ट्यूब तेज धमाके के साथ फट गया। इससे अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर और ट्रॉला पलटकर सड़क किनारे खाईं में जा गिरा। चालक समेत उस पर दो मजदूरों ने किसी तरह ट्रैक्टर से फांदकर अपनी जान बचाई, लेकिन तीसरा मजदूर कस्बे के मोहल्ला शिवपरी निवासी 30 वर्षीय मटरू लकड़ी के नीचे दब गया। सुबह टहलने निकले सुक्खन पुरवा निवासी कुछ लोगों ने ट्रैक्टर पलटा हुआ देखा। पास गए तो देखा कि एक युवक नीचे दबा था। ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे लोग असफल रहे। रकेहटी के खालिद ने पीआरवी को फोन पर सूचना दी। यूपी-100 के सिपाही रामबली और दुष्यंत ने रकेहटी से जेसीबी मंगवाकर किसी तरह से लकड़ी हटवाकर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के भाई चुन्नू की तहरीर पर पुलिस ने कस्बा निवासी चालक प्रहलाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मृतक मटरू के परिवारवालों का रोरोकर बुरा हाल था। उधर, वनविभाग ने लकड़ी का परमिट न होने पर जुर्माने किया है।
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बाक्स में
कबाड़ ट्रैक्टरों से ढोई जाती है लकड़ी और मिट्टी
लकड़ी की ढुलाई करने के लिए अधिकतर कबाड़ वाले ट्रैक्टरों से लकड़ी की ढुलाई की जाती है। सिंगाही, तिकुनियां और निघासन में कई ऐसे ट्रैक्टर पुलिस ने कब्जे में लिए हैं, जिनके कागज नहीं है। वह थानों में खड़े सड़ रहे हैं। बताते हैं कि पुलिस और वनविभाग से बचने के लिए इन ट्रैक्टरों का प्रयोग किया जाता है। पुलिस में फंसने के बाद ट्रैक्टर छुड़ाने का झंझट नहीं रहता है। रात के अंधेरे में एक लाइट जलाकर लकड़ी और मिट्टी बालू की ढुलाई की जाती है।
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वर्जन.....
गलत काम करने वाले ट्रैक्टरों के कागज न होने की जानकारी मिली है। जिन ट्रैक्टरों के कागज नहीं हैं। उनकी जांच करके उनको सीज किया जाएगा। सोमवार को हंजारा फार्म में हुए हादसे में भी ट्रैक्टर के कागज नहीं मिले हैं। ट्रैक्टर चालक और उसके मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सविरत्न गौतम सीओ