बैंकों में करोड़ों जमा फिर भी विकास को तरसे गांव
553 ग्राम पंचायतें अभी नहीं बना सकीं कार्ययोजना
2018-19 में 614 पंचायतों की ही कार्ययोजना अपलोड
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जनपद की 1167 ग्राम पंचायतों में से 553 ग्राम पंचायतें अब तक गांव में विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना नहीं बना सकी हैं। सिर्फ 614 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केन्द्र सरकार के प्लान प्लस सॉफ्टवेयर पर अपलोड हो सकी हैं। जबकि बैंकों में करोड़ों की धनराशि जमा हैं, तो दूसरी तरफ कार्ययोजना अपलोड न होने से गांवों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। मोदी सरकार बनने के बाद ग्राम पंचायतों में कामकाज के तरीकों में काफी बदलाव किया जा चुका है। अब गांव के विकास के लिए कार्ययोजना पहले बनानी पड़ती है, जिसे केन्द्र सरकार की वेबसाइट प्लान प्लस अपलोड करना होता है। इसी आधार पर वर्क आईडी जनरेट होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराए जाते हैं। वित्त वर्ष के साढ़े तीन माह बीत रहे हैं, लेकिन अभी 553 ग्राम पंचायतों में विकास कराने के लिए खाका तैयार नहीं किया जा सका है। वेबसाइट पर कार्ययोजना ऑनलाइन अपलोड न किए जाने से इनमें विकास कार्य बाधित हैं, जबकि करोड़ों रुपये बैंकों में जमा है। कार्ययोजना अपलोड करने के मामले में उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों की रेटिंग में लखीमपुर 35वें नंबर पर है। जबकि पड़ोसी जनपद सीतापुर पहले नंबर है, जहां 1601 ग्राम पंचायतों में से 1563 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड कराई जा चुकी है।
शासन ने कार्ययोजना में बगैर बजट के कराए जाने वाले सामाजिक कार्यों जैसे रैली, गोष्ठी आदि को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते अधिकांश ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना संशोधित करके अपलोड कराई जा रही हैं। इस वजह से देरी हुई है, लेकिन अब तेजी से कार्ययोजना अपलोड कराई जा रही हैं। चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ