तराई में मानसून का अता पता नहीं हैं लेकिन सब्जियों के दाम अभी से बढ़ गए हैं। खासकर टमाटर सबसे ज्यादा लाल हो रहा है। टमाटर के भाव एक माह के अंदर दोगुने हो गए है। एक माह पहले तक जो टमाटर 30 रुपया प्रति किलो था आज वह 60 रुपये किलो तक हो चुका है। इसी तरह प्याज ने भी आंसू निकाल दिए हैं। 10 दिन पहले तक जो प्याज 15 रुपया किलो थी वह अब 25 रुपया प्रति किलो पहुंच चुकी है।
सब्जी विक्रेताओं का मानना है कि टमाटर और प्याज की आवक कम होने से इनके दाम बढ़े हैं। मौसमी सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, कद्दू, परवल आदि के मूल्यों में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन बारिश के दिनों में सब्जियों के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि गर्मी में टमाटर की खपत कम होती है लेकिन सहालग शुरू होने से टमाटर की मांग बढ़ गई है। शायद यही वजह है मूल्य बढ़ने का। आलूृ के भाव में भी इजाफा हुआ है।
सब्जी विक्रेता गेंदन लाल का कहना है कि बारिश के दौरान सब्जियों के मूल्यों में बढ़ोतरी आम बात है लेकिन इस बार बारिश शुरू होने के पहले ही टमाटर, आलू करेला आदि के मूल्य बढ़ गए हैं। गृहणी अनिता कुदेशिया का कहना है कि सब्जियों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला आलू, प्याज और टमाटर महंगा होने से बजट गड़बड़ा रहा है।
सब्जियों के भाव की तुलनात्मक स्थिति
सब्जी..........15 दिन पहले.............मौजूदा भाव
टमाटर.............40.00......................60.00
प्याज...............15.00......................25.00
आलू पुराना.......15.00......................20.00
आलू नया..........20.00.....................25.00
लौकी...............20.00.....................25.00
तोरई................25.00......................20.00
परवल..............60.00......................60.00
मशरूम............130.00....................150.00
करेला ...............40.00......................60.00
कटहल.............30.00......................20.00