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पंचायतों को अब बिना लागत के भी कराने होंगे काम

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पंचायतों को बिना बजट वाले काम भी कराने होंगे
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ग्राम पंचायत की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करना हुआ जरूरी
इस वर्ष 50 फीसदी ग्राम पंचायतें ही बना सकी कार्ययोजना

अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों के विकास की कार्ययोजना में कम लागत और बिना लागत (सोशल प्लान) वाले कार्यों को भी शामिल करना जरूरी हो चुका है, लेकिन कार्ययोजना में इसे प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। करीब 600 ग्राम पंचायतों ने संशोधित कार्ययोजना को अपलोड नहीं कराया है।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में दीर्घकालिक विकास कराने के लिए पंचवर्षीय और वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जानी है। गांव में किसी मुद्दे पर निर्माण कार्यों की लागत, कम लागत और बिना लागत के कार्यों को शामिल किया जाना है। कार्ययोजना में खास बिंदु यह है कि सोशल प्लान के तहत जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों को अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें प्रधान और सचिवों की सामाजिक भूमिका तय करते हुए कुछ दायित्व भी सौंपे गए हैं, जिसका उद्देश्य गांव में सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देकर समग्र विकास कराना है। इसके उलट ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना में सामाजिक कार्यों जैसे बिना लागत के जागरूकता रैली निकालने के कार्यक्रम शामिल नहीं किए गए हैं। कम लागत वाले कार्यों जैसे गांव में शिविर लगाना, महिला प्रोत्साहन कैंप, मेडिकल कैंप, डिजीटल साक्षरता संबंधी कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष के तीन माह बीतने को हैं, लेकिन 1167 ग्राम पंचायतों में से 50 फीसदी पंचायतों ने ही वेबसाइट प्लान प्लस पर कार्ययोजना अपलोड की है।
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कम लागत के कामों में यह होंगे शामिल
शासन द्वारा गांवों में बिना लागत और कम लागत वाले कार्यों को कराने पर खासा जोर दिया जा रहा है। डीपीएम अर्पित श्रीवास्तव ने बताया कि कार्ययोजना में सभी तरह के कार्यों को शामिल किया जाना है। सामाजिक मुद्दों ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, शिक्षा के लिए स्कूल प्रबंधन समिति की बैठकें, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर कार्यक्रम कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे होगी खर्च की व्यवस्था
सामाजिक कार्यक्रमों के लिए ग्राम पंचायतें अपनी कंटीजेंसी मद से पैसा खर्च कर सकेंगी। इसके लिए विभिन्न वित्तीय संसाधनों के अभिसरण (कनवर्जेंस) पर आधारित व्यवस्था लागू की गई है। 14 वें वित्त आयोग से पंचायतों को प्राप्त होने वाली धनराशि का कुछ हिस्सा कंटीजेंसी मद में जमा किया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये जमा भी हो चुके हैं।
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वर्जन.....
अप्रैल में नए सिरे से कार्ययोजना बनाने की शुरुआत हुई है, जिसमें अभी तक 50 फीसदी ग्राम पंचायतों ने वेबसाइट प्लान प्लस पर कार्ययोजना अपलोड करा दी है। शेष ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाओं को इसी माह में अपलोड करा लिया जाएगा।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ
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