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सड़क निर्माण में लाखों हजम कर गए दुधवा के अधिकारी

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स्लग--- सड़क निर्माण में गोलमाल
सीएम तक शिकायत पहुंची तो फिर शुरू हुआ सड़क निर्माण

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर के आफिस को जाने वाली सड़क का मामला

अमर उजाला ब्यूरो

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर के आफिस को जाने वाले मार्ग पर सीसी रोड और नाली बनाने में धांधली किए का मामला सामने आया है। पहले 2016 में 19 लाख रुपये खर्च कर घटिया सामग्री से जैसे तैसे सीसी रोड बनाई गई। शिकायत होने पर जांच कराई गई। जांच में लीपापोती किए जाने पर शिकायतकर्ता ने दोबारा जांच के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत की, जिसकी भनक लगते ही वन विभाग के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के लिए मैटेरियल मंगाया है।
शहर में विलोबी मेमोरियल के निकट स्थित फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के कार्यालय से पीडब्ल्यूडी लिंक मार्ग के निर्माण के लिए उप निदेशक दुधवा महावीर कौजलगि ने वर्ष 2016 में रेंज आफिसर मनोज श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी थी। शिकायतकर्ता मोहल्ला मिश्राना निवासी निर्मल कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि सड़क में 1:6:12 अनुपात में एक बोरी सीमेंट छह बोरी मौरंग और 12 ब्रिक बैलास्ट डालकर कुटाई की जानी थी, जिसकी मोटाई 150 मिमी रखनी थी। लेकिन सीमेंट और मौरंग का प्रयोग ही नहीं किया गया, जिससे मोटाई 107 मिमी रह गई। इसके अलावा सीसी रोड पर एक परत बनाई ही नहीं गई। सीसी रोड और नाली निर्माण में रेंज आफिसर के रिश्तेदार की फर्म एमएम इंटरप्राइजेज द्वारा मैटीरियल की आपूर्ति की गई, जिसकी मदद से रेंज आफिसर ने लाखों का गबन किया।
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शिकायत होने अपर उपनिदेशक दुधवा ने वन्य जीव प्रतिपालक दुधवा डीके चतुर्वेदी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जिसमें वन विभाग के बेलरायां रेंजर अशोक कुमार कश्यप, मानचित्रकार कौशल किशोर शर्मा और इंडो-नेपाल बार्डर खंड के जेई दिलीप कुमार को शामिल किया गया। टीम ने स्थलीय जांच कर रिपोर्ट उपनिदेशक को सौंपी, जिसमें बताया गया है कि 150 मिमी से मोटाई कम मिली। जबकि कार्यस्थल पर 1:2:4 अनुपात में बनने वाली परत नहीं पाई गई। पैनल्स में दरारें मिली हैं और दोनों तरफ बनाई गई नाली भी मानक के अनुरूप नहीं मिली है। टीम ने मैटेरियल की गुणवत्ता परखने के लिए सैंपल लेकर तकनीकी प्रयोगशाला में जांच कराने की संस्तुति की है।

जांच टीम ने की लीपापोती
शिकायतकर्ता निर्मल कुमार सिंह का आरोप है कि जांच आख्या में सड़क की मोटाई 145 मिमी दर्शाई गई है, जबकि मौके पर जांच के समय खुद मौजूद था तब मोटाई 107 मिमी निकली थी। सीसी 110 मिमी मोटाई में करना था, लेकिन उसकी मोटाई 80 मिमी है। निर्माण का नमूना लेकर प्रयोगशाला से जांच नहीं कराई गई, बल्कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बचाने के लिए जांच रिपोर्ट में लीपापोती की गई है।
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19 लाख से पीडब्ल्यूडी लिंक मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है, जो अभी पूरा नहीं हुआ है। शिकायत की जांच कराई गई है, जिसमें कुछ कमियां मिली हैं। संबंधित रेंज आफिसर को मानक के अनुसार कार्य पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महावीर कौजलगि, उपनिदेशक दुधवा
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