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दुधवा बफर जोन की वन भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास

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दुधवा बफर जोन की वन भूमि पर अवैध कब्जा
पीलीभीत जिले के सैकड़ों ग्रामीणों ने बोला धावा
पहले भी ग्रामीण कर चुके भूमि पर कब्जे की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज।
पीलीभीत से सटे दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की वन भूमि पर पीलीभीत जिले के करीब 800 ग्रामीणों ने शनिवार को कब्जा कर लिया। इसको लेकर वन कर्मियों और ग्रामीणों के बीच जमकर विवाद हुआ। इन ग्रामीणों ने पहले भी इस वन भूमि पर कब्जे का प्रयास किया था, लेकिन इन्हें खदेड़ दिया गया था। इस बार कब्जा करने वाले ग्रामीणों की संख्या सैकड़ों में है, जिसे वनकर्मी रोक नहीं सके। जमीन की जुताई आदि करने के बाद ग्रामीण खुद ही लौट गए।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की भीरा रेंज अंतर्गत महराजनगर बीट में वन विभाग की करीब 130 हेक्टेयर भूमि है। जिसका गाटा संख्या 151 और 152 है। शनिवार को जंगल से सटे पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के गांव ढक्का, फिरकिया और बिनौरा के करीब 700 से 800 ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर इस वनभूमि पर आ धमके और वन भूमि को जोतना शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। भूमि को जोतकर ग्रामीण शाम को लौट गए।
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इससे पहले भी यह ग्रामीण इसी वन भूमि पर कब्जे का प्रयास कर चुके हैं। विवाद को देखते हुए पीलीभीत के वन विभाग और राजस्व विभाग ने इस भूमि की पैमाइश की थी, चूंकि भूमि पीलीभीत की है और वन रेंज लखीमपुर खीरी में लगता है, फिर भी दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के वन कर्मियों को इसमें शामिल नहीं किया गया। इससे भूमि विवाद जस का तस बना हुआ है। कब्जा करने वाले ग्रामीणों की जमीन शारदा नदी में कट चुकी है। इसलिए वह इस भूमि को अपना बताकर उसपर खेती करना चाहते हैं।
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उधर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि अभी मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। पीलीभीत प्रशासन को भी इस मामले में कार्रवाई के लिए कहेंगे।
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