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डीएम को ही ‘पाठ’ पढ़ा गए केंद्र प्रभारी

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लखीमपुर खीरी।
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डीएम आकाशदीप ने बुधवार को राजापुर मंडी स्थित विपणन शाखा के क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहां पर धान खरीद की कलई खुलकर सामने आ गई। एक किसान का धान बिकवाने में तो डीएम का भी पसीना छूट गया, फिर भी केंद्र प्रभारी ने धान नहीं खरीदा। केंद्र प्रभारी ने मानक के अनुरूप न होने का हवाला देते हुए धान को रिजेक्ट कर दिया, जिस पर डीएम ने धान को पंखा लगाकर साफ करवाया। इसके बाद भी केंद्र प्रभारी रेनू मिश्रा और एएमओ विजय सिंह ने धान में डैमेज ज्यादा होने की बात कहकर उसे खरीदने से इंकार कर दिया। बाद में डीएम ने नाराजगी जताते हुए किसान के धान का सैंपल भरवाया, जिसकी जांच कराकर केंद्र प्रभारी के दावों की हकीकत परखेंगे।
एक दिन पहले मंगलवार को अपर निदेशक (मंडी) जेपी सिंह ने राजापुर मंडी में क्रय केंद्रों की जांच की थी, जिसमें उन्हें सबकुछ ओके मिला था। तब भी ईसानगर के गांव कैरातीपुरवा निवासी किसान बोधनराम ने अपर निदेशक के सामने अपना धान क्रय केंद्र पर बिकवाने की मांग की थी, जिस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी को धान खरीदने के निर्देश दिए थे। उनके जाने के बाद किसान को मानकों का हवाला देकर टरका दिया गया। बुधवार को डीएम आकाशदीप क्रय केंद्र पर पहुंचे, तो किसान बोधनराम ने उनसे भी शिकायत कर धान बिकवाने की मांग की। इस पर डीएम ने धान का नमूना देखकर केंद्र प्रभारी को धान खरीदने के लिए कहा तो केंद्र प्रभारी रेनू मिश्रा ने मानक का हवाला दिया। इस पर डीएम ने पंखा चलवाकर धान साफ कराने के लिए कहा, तो केंद्र प्रभारी समेत स्टाफ थोड़ी देर तक शांत रहकर डीएम के जाने का इंतजार करने लगे, लेकिन डीएम ने कुर्सी मंगाकर केंद्र पर ही डेरा जमा दिया, जिसके बाद किसान ने अपना ट्रैक्टर लगाकर पंखे से धान साफ कराया। इसके बाद भी धान को देखकर वहां मौजूद खाद्य एवं रसद विभाग के एएमओ विजय सिंह ने उसे डैमेज बता दिया। एएमओ ने तरह-तरह की दलील देते हुए धान को साइनाइड से ज्यादा खतरनाक ठहराने का प्रयास कर डाला। इससे नाराज डीएम ने धान का नमूना भरवाया और उसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की बात कही। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के संकेत देते हुए डीएम ने जाते समय भी किसान का धान खरीदने के लिए केंद्र प्रभारी से कहा, लेकिन उनके जाने के बाद किसान को कहीं और धान बेचने के लिए टरका दिया गया।
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पांच दिन से भटक रहा है किसान बोधनराम
ईसानगर के गांव कैरातीपुरवा निवासी किसान बोधनराम ने बताया कि 18 नवंबर को करीब 120 क्विंटल धान बेचने के लिए मंडी में आया था। तब से वह अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं धान नहीं खरीदा जा रहा।
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किसान का धान साफ कराकर जांच कराई गई, बावजूद इसके केंद्र प्रभारी ने डैमेज अधिक होने की बात कही। इन तथ्यों की जांच कराने के लिए धान का नमूना भरवाया गया है, जिसकी जांच कराई जाएगी। मानक के अनुरूप धान पाए जाने पर केंद्र प्रभारी समेत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- आकाशदीप, डीएम
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