लखीमपुर खीरी/ममरी।
खूनी बाघ की तस्वीर कैद करने के लिए वन विभाग ने घटनास्थल से लेकर नयागांव और कठिना नदी के कंजीघाट के पास चार सीसीटीवी कैमरे फिर लगवा दिए हैं। बाघ चार दिनों से ग्राम नयागांव, बिहारीपुर के इर्द गिर्द गन्ने के खेतों में विचरण कर रहा है। उधर वनकर्मियों की टीम बाघ की चहलकदमी पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
मालूम हो कि 21 अक्तूबर को महेशपुर रेंज कोठी के पूरब खेत में गन्ने की पत्ती काटने गए अशर्फीगंज के युवक लालाराम (22) को बाघ ने हमला कर मार डाला था, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने रेंज कोठी पर रोड जाम कर हंगामा किया था। जिस पर वहां पहुंचे डीएफओ समीर कुमार आदि अधिकारियों ने खूनी बाघ की निगरानी का निर्देश रेंजर को दिया था। तभी से मोहम्मदी महेशपुर, गोला, मैगलगंज रेंज के वनकर्मी बाघ की निगरानी में लगे हैं। निगरानी कर रहे वनकर्मियों ने बताया कि रविवार को बाघ की लोकेशन लीलापुर, पन्नापुर, रम्मापुर गांव के पास तो सोमवार को नयागांव, बिहारीपुर गांव के दक्षिण गन्ने के खेतों में मिली थी। पदचिन्हें के आधार पर बाग मंगलवार को भी नयागांव के दक्षिण गन्ने में मौजूद था। रेंजर एसएन यादव ने बताया कि खूनी बाघ की तस्वीर कैद करने और उसका रुख जंगल की ओर मोड़ने के लिए मंगलवार को कठिना नदी के कंजीघाट, नयागांव और घटनास्थल के पास चार सीसी टीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। साथ ही कई स्थानों पर बाघ से सतर्क रहने से बैनर पोस्टर लगवाए गए हैं। उधर वनकर्मी ग्रामीणों संग गन्ने के खेतों में बराबर कांबिंग कर रहे हैं। अशर्फीगंज के ग्रामीणों का कहना है कि दो दिनों से बाघ उनके गांव के पास दिखाई नहीं दिया है। अशर्फीगंज से नयागांव की दूरी दो किमी तो वहां से जंगल की दूरी एक किमी बताई गई है। हालत यह है कि महेशपुर से नयागांव को जाने वाला मार्ग बाघ की दहशत में ठप पड़ा है।
बाघ के हमले पर जताया आक्रोश, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। महेशपुर वनरेंज में बाघ या तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। भारतीय ग्रामीण विकास सोसायटी के जिलाध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
मुख्यमंत्री को संबोधित एसडीएम को दिए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा ने बताया है कि इलाके के रामदीनपुर, कन्हैयागंज, महेशपुर आदि गांवों में वन्य जीवों की चहलकदमी अब भी देखी जा रही है। इसके बावजूद वन महकमे ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे आए दिन किसानों पर हिंसक वन्य जीव के हमले हो रहे हैं। उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि बाघ के हमले से ग्राम अशर्फीगंज निवासी लालाराम की मौत पर उसके परिवार वालों को 30 लाख रुपये का मुआवजा, वन महकमे के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा, बाघों को पकड़ने के लिए एक्सपर्ट टीम, वन विभाग की विभिन्न बीटों में तैनात कर्मियों, अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों आदि में लिखाए जाने की मांग की है।