गोला गोकर्णनाथ।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की नीलामी न होने से मंडी में धान लेकर आए किसानों में उबाल आ गया। उन्होंने अधिकारियों और सरकार के विरुद्घ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सचिव बृजभान सिंह का उनके कार्यालय में घेराव किया। तब उन्होंने राइस मिलर्स और नायब तहसीलदार विकास धर दुबे को बुलाया। फिर भी आश्वासन के बाद भी धान की नीलामी नहीं की गई।
किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में धान लेकर रात दो बजे से कृषि उत्पादन मंडी समिति प्रांगण में पहुंचे और ट्रालियां लाइन में लगा दीं। मंडी कर्मचारियों और राइस मिलरों ने धान की नीलामी शुरू नहीं की तो किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा भी अपने साथियों के साथ मंडी पहुंच गए। लगभग 11 बजे मंडी सचिव बृजभान सिंह जब मंडी पहुंचे तो आक्रोशित किसानों ने उनके कार्यालय में घुसकर घेराव कर लिया। इसकी सूचना सचिव ने एसडीएम योगानंद पांडे को दी। तब नायब तहसीलदार विकासधर दुबे कार्यालय पहुंच गए। सचिव ने राइस मिल मालिकों को बुला लिया और वार्ता के बाद धान की नीलामी शुरू करने का आश्वासन दिया गया। इसके बावजूद धान की नीलामी शुरू नहीं हो सकी और किसान शाम तक मंडी में ही अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ खड़े रहे।
मंडी के नियमों का उल्लंघन कर राइस मिलों पर हो रही खरीद
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, मुसकी फार्म के हरी सिंह आदि किसानों ने आरोप लगाया है कि नियमानुसार कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की नीलामी के बाद ही राइस मिलर उस धान को अपने साधनों से मिलों में ले जाकर उसका चावल बना सकते हैं, लेकिन मंडी अधिकारियों और राइस मिल मालिकों की मिली भगत होने के कारण राइस मिलों पर सीधी खरीद की जा रही है, जो कृषि उत्पादन मंडी समिति के नियमों का खुला उल्लंघन है। जो सरकारी धान क्रय केंद्र बने हैं उन पर भी राइस मिल मालिकों की साठगांठ होने के कारण धान को गीला बताकर खरीद नहीं की जा रही है।