पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी का कहर जारी है। शारदा की जलधारा में गोन्हा गांव के पांच घर समाहित हो गए। नदी का रुख गांव की ओर बढ़ता ही जा रहा है। कटान से गांववासी भयभीत हैं। गांव पूरा टापू में तब्दील हो चुका है। क्षेत्रीय लेखपाल ने गांव में पहुंचकर मौके का मुआयना किया। उधर, पटिहन के अंबेडकरनगर से गुरुद्वारा जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों ने लकड़ी का पुल बनाया है। जिस पर वह जान जोखिम में डालकर निकलते हैं।
इलाके के कुंवरपुर कलां गांव कई साल पहले ही नदी में समा गया था। इस गांव के लगभग 15 परिवारों ने गोन्हा गांव में शरण ली। मुसीबत यहां भी पहुंच गई। शारदा ने गोन्हा में भी कटान शुरू कर दिया। कटान के चलते पांच घरों का वजूद खत्म हो गया। बाढ़ व कटान के चलते गांव जाने के लिए एकमात्र सहारा नाव रह गया है। नदी ने सैकड़ों एकड़ गन्ने की फसल को भी अपने आगोश में ले लिया है।
क्षेत्रीय लेखपाल अवधेश कुमार गांव का मुआयना करने पहुंचे, जो कड़ी मशक्कत के बाद नाव से गांव पहुंच सके। उन्होंने वहां की स्थिति का मुआयना किया है। उधर इलाके पटिहन गांव के मजरा अंबेडकरनगर से गुरुद्वारा रोड का रपटा पुल कई साल पहले बाढ़ से कट चुका था। सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने आवागमन के लिए लकड़ी का पुल तैयार किया जिस पर से वे जान जोखिम में डालकर निकल सफर तय करते हैं। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त रास्ते को सही कराने की मांग की है।