राजस्व वसूली अभियान के तहत शहर के इंडस्ट्रियल फीडर से जुड़े 10 कारखानों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इन कारखानों पर काफी समय से 63.32 लाख रुपये बकाया था। अभियान से पहले कारखाना मालिकों को बिजली विभाग की ओर से नोटिस भेजकर बकाया जमा करने को कहा गया था, लेकिन कारखाना मालिकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद सभी बकाया बिजली कनेक्शनों को काट दिया गया।
लखीमपुर डिवीजन के अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि एसडीओ राहुल शर्मा, जेई आरएन मिश्रा ने बिजली कर्मियों के साथ 50केवीए से अधिक विद्युतभार वाले कारखानों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने 11 लाख के बकाए में अजमानी फ्लोर मिल, नौ लाख के बकाए में अजमानी इंडस्ट्रीज (राइस मिल), 5.50 लाख के बकाए में अजमानी दाल एंड ऑयल मिल का बिजली कनेक्शन काट दिया। इसी तरह नौ लाख के बकाए में हिमालया आइस कैंडी, चार लाख का बकाया होने पर कृष्णा कार्बन पेपर की बिजली सप्लाई काट दी गई। ईई ने बताया कि पांच लाख रुपये का बकाया होने पर बाबा हरदी मिल, एक लाख के बकाए पर विनोद कुमार जैन (प्लाईवुड), 2.62 लाख के बकाए पर गुरुजीत सिंह कारखाना, आठ लाख के बिजली बकाए पर आनंदी लाल और राजन अरोड़ा की प्लाईवुड, 17 लाख रुपये के बकाए पर रामाश्ररे इंडस्ट्रीज (राइस मिल), 1.22 लाख रुपये के बिजली बकाए पर जेके इंडस्ट्री राजापुर (राइस मिल) का कनेक्शन काट दिया गया है।
वहीं जेई आरएन मिश्रा ने बताया कि सभी कारखानों को 132केवीए छाउछ उपकेंद्र से जुड़े औद्योगिक फीडर से बिजली सप्लाई की जाती है। चूंकि यह कार्रवाई विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद की गई, इसलिए बिजली बिलों का बकाया जमा होने के बाद ही दोबारा कनेक्शन जोड़े जाएंगे।