लखीमपुर खीरी/ओयल। दिवाली पर हादसों की आंशका को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है। जिला अस्पताल में आग से झुलसे और सांस रोगियों के लिए 10-10 बेड सुरक्षित किए गए हैं। 24 घंटे इमरजेंसी ड्यूटी के अलावा अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर फोन करने पर उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने ड्यूटी रोस्टर जारी कर सख्त निर्देश जारी दिए हैं।
जिला अस्पताल में चार नवंबर तक डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर बनाया गया है। फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ सहित मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। साथ ही ईएनटी, हड्डी रोग, चर्म रोग आदि सभी डॉक्टर फोन करने पर उपलब्ध रहेंगे। ताकि इमरजेंसी के दौरान घायलों का इलाज हो सके। जिला अस्पताल के साथ ही सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं और उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
दिवाली पर सबसे ज्यादा जलने की घटनाएं होती हैं। पटाखे के धुएं से प्रदूषण फैलता है, जिससे लोगों में सांस संबंधी की समस्या बढ़ जाती है। विभाग ने इसको लेकर विशेष तैयारी की है। सीएमएस डॉ. आरके कोली ने बताया कि दिवाली को लेकर जिला अस्पताल में दवाओं सहित सभी तैयारी कर ली गई हैं। वहीं 24 घंटे एबुलेंस अलर्ट रहेगी।
पटाखे फोड़ते समय कान में लगाएं रुई
मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ईएनटी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि पटाखों में काफी तेज आवाज होती है, जिसका असर कानों पर पड़ता है। ऐसे में पटाखे फोड़ते वक्त कान में रुई लगाएं, ताकि उसकी तेज आवाज कानों के अंदर तक न जा सके। अगर किसी को तेज आवाज की वजह से कानों में सीटी बजना या कम सुनाई देने की समस्या आती है तो इसमें लापरवाही बिल्कुल भी न करें। तत्काल डॉक्टर को दिखाएं, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके।
दिवाली को लेकर स्वास्थ्य विभाग की पूरी तैयारी है। डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने के साथ ही अस्पतालों में बेडों को आरक्षित कर दिया गया है। साथ ही एबुलेंस भी सक्रिय भूमिका में रहेगी। दवाएं सहित उपकरणों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
ईएनटी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा