गुरवलिया बाजार/उजारनाथ। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में ससुराल गए एक युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। परिजन उसकी पत्नी और ससुराल वालों पर मारपीटकर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। जबकि पुलिस का कहना है कि दो सप्ताह पूर्व चोटिल युवक की हालात ठीक न होने से उसकी मौत हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार सरिसवां गांव के नाजीर अंसारी (34) को उसकी पत्नी बेगम (30) बीते रविवार को अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके इसी थाना क्षेत्र के चंद्रौटा गांव के मसान टोला ले गई थी। एक दिन के बाद वह अपने पिता व मां के साथ मंगलवार को जब शव लेकर ससुराल पहुंची तो ग्रामीणों ने उन्हें बैठा लिया और पुलिस को सूचना दी। वहीं पिता अब्दुल्लाह ने मृतक नाजीर अंसारी की पत्नी व उसके पिता और बहन पर हत्या का आरोप लगाया है। गांव वालों की मानें तो पति-पत्नी में हमेशा विवाद होता रहता था।
सूचना पर पहुंची पुलिस बेगम व उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए थाने ले गई। मृतक नाजीर अंसारी के बाएं पैर सहित शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे।
थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। आरोप के अनुसार हत्या को भी पहलू मानकर जांच की जा रही है।
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पंद्रह दिन पूर्व गिरा था नाजीर...लगा था गंभीर चोट
पुलिस के प्रथम दृष्टया जांच में माना कि नाजीर को पंद्रह दिन पूर्व एक बिल्डिंग में काम करते समय शरीर में गंभीर चोट लगा था। गर्दन और पूरे पैर में जख्म थे। वह ठीक से खड़ा नही हो पा रहा था। पुलिस जांच में जो पता चला है उसके मुताबिक नाजीर के परिजन उसके इलाज में सक्षम नहीं थे। इस कारण उसकी पत्नी उसे मायके ले गई और वहां से फाजिलनगर सीएचसी में इलाज करा रही थी। मंगलवार को उसे स्नान कराया जा रहा था लेकिन उसकी दिक्कतें बढ़ती जा रही थी। इसके कारण उसे पुनः अस्पताल ले जाया जाने लगा लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।इसके बाद उसकी पत्नी अपने परिजन के साथ शव को उसके पैतृक गांव से अंतिम क्रिया के लिए लेकर पहुंची।
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मजदूरी से चलता था परिवार...दो बेटों का बुरा हाल
नाजीर का परिवार उसकी मजदूरी पर भी निर्भर था। पंद्रह दिन पूर्व एक बिल्डिंग में कार्य करते समय जब गिरा था तबसे परिवार पर रोजी-रोटी के साथ उसके इलाज पर संकट के बादल छाने लगे थे। नाजीर के दो बेटे अरशद (10) और सुहेल (04) को इस उम्र में पिता का साथ छूटने से रो-रोकर बुरा हाल है।