कप्तानगंज। थाना क्षेत्र के जमुनी बरवा के बड़े टोला निवासी 31 वर्षीय युवक की बदमाशों ने हत्या कर शव को धौरा बरवा नहर के किनारे फेंक दिया। रविवार की सुबह गांव वालों ने शव देख पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंचे सीओ और एसओ ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक के सिर में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर छानबीन में जुटी है। परिजनों ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जमुनी बरवा के बड़े टोला निवासी डॉ. कृष्ण मोहन सिंह का छोटा पुत्र आलोक सिंह (31) शनिवार की शाम सात बजे गांव के चौराहे पर चाय पीने गया था। आलोक ने परिजनों से एक घंटे में घर आने की बात भी कही थी। परिजनों के अनुसार, देर रात तक आलोक घर नहीं लौटा तो वे खोजबीन में जुट गए। लेकिन, उसका कहीं पता नहीं चला। रविवार की सुबह कुछ लोगों ने धौरा बरवा गांव से सटे बड़ी नहर के किनारे खेत में आलोक का शव देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस समेत परिजनों को दी।
सूचना मिलने के बाद सीओ कुंदन सिंह और एसओ राजकुमार बरवार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस की सूचना पर थोड़ी ही देर में फॉरेंसिंक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस को मौके से आलोक का मोबाइल मिला है। उनकी बाइक घटना स्थल पर नहीं थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। सीओ कसया कुंदन सिंह ने बताया कि आलोक सिंह के सिर पर गहरी चोट लगी थी। चोट पीछे के हिस्से में थी। इससे प्रतीत हो रहा है कि लाठी-डंडे से उसे मारा गया है। शरीर में कहीं अन्य चोट नहीं है। फॉरेंसिक टीम छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की जानकारी हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मौके से मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उनकी बाइक वहां नहीं मिली है। बाइक की तलाश भी की जा रही है। वहीं, परिजनों की ओर से दिए गए तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
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लिट्टी-चोखा बनाकर इंतजार करते रहे परिजन
शनिवार की शाम घर से निकलने से पहले आलोक ने लिट्टी-चोखा बनाने के लिए कहा था। एक घंटे में चौराहे से लौट आने की बात कही थी। काफी समय बाद जब वे घर नहीं पहुंचे, तो परिजन चौराहे से लगायत हर संभावित जगहों पर उनकी खोजबीन करने लगे। इधर, घर की महिलाएं आलोक के लिए लिट्टी-चोखा बनाकर उनका इंतजार कर रही थीं। परिजनों के अनुसार, आलोक विदेश के दुबई में स्टोर कीपर का काम करते थे। वह तीन माह पहले घर आए थे। दोबारा विदेश जाने की तैयारी में थे।
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दो भाइयों में छोटे थे आलोक, कंधे पर थी बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. कृष्ण मोहन सिंह के दो बेटों में बड़े आदित्य प्रताप सिंह है। आलोक छोटे थे। उनके कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी थी। डॉ. कृष्ण मोहन सिंह घर पर पत्नी गीता और आलोक की पत्नी अर्चना सिंह व उसके दो बच्चों के साथ रहते हैं। आलोक विदेश में नौकरी करते थे। छोटे बेटे की मौत से परिवार में चीख-पुकार मची है। मृतक के पिता समेत अन्य परिजन रविवार को दहाड़े मारकर रोते नजर आये। आलोक की मौत के बाद उसकी पत्नी अर्चना सिंह, आलोक की 10 वर्षीय बेटी शैला और पांच वर्षीय बेटा गगन के भरण पोषण की जिम्मेदारी अब 60 वर्षीय बुजुर्ग पिता डॉ. कृष्ण मोहन पर आ गई है। आलोक के पिता साल 2021 में कप्तानगंज पूर्वी से जिला पंचायत सदस्य के निर्दल प्रत्याशी भी रह चुके हैं।
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सभी से मिल-जुलकर रहते थे आलोक
गांव के धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, अरुण कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, रणजीत सिंह, मोती सिंह, गौरी शंकर सिंह, सोनू सिंह, मान सिंह, राजेंद्र आदि का कहना था कि आलोक मिलनसार और व्यावहारिक थे। वे विदेश से गांव आने पर दो से तीन दिन में ही सबसे घुल-मिल मिल जाते थे। गांव के ओम चौराहे पर कुछ दुकानदारों ने उन्हें शनिवार की रात करीब आठ बजे देखा था। रविवार की सुबह उनका शव मिलने पर चौराहे से लेकर गांव तक लोग उनकी चर्चा करते रहे।
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बदमाशों तक पहुंचने में मददगार होगा मोबाइल फोन
आलोक गांव से ही कुछ दूरी पर स्थित ओम चौराहे पर बाइक से गए थे, लेकिन ओम चौराहा से घर जाने के बजाय धरमौली जाने वाली बड़ी नहर की तरफ कैसे चले गए। इसको लेकर लोग कई तरह की चर्चा कर रहे हैं। लोगों के अनुसार, जमुनी बरवा गांव से घटनास्थल धौरा बरवा की दूरी तकरीबन दो किलोमीटर है। जिस बाइक से आलोक वहां गए थे, वह बाइक भी मौके पर नहीं मिली। जबकि आलोक की जेब से उनका मोबाइल पुलिस के हाथ लगा है। मोबाइल से पुलिस को बदमाशों तक पहुंचने में मिलेगी। पुलिस टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।