पडरौना। तेज पछुआ हवा के बीच रविवार को आग ने कहर बरपाया। अलग-अलग जगहों पर लगी आग से तीन झोपड़ियां, काटकर रखी गई गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
रामकोला क्षेत्र के खोटही गांव के रामगढ़ टोले में शनिवार की रात इश्तखार की झोपड़ी में लगी आग से फर्नीचर, अनाज, कपड़े आदि जल गए। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड की टीम ने गांववालों की मदद से आग पर काबू पाया। रविवार की सुबह गांव पहुंचे लेखपाल अजय राव ने क्षति का आंकलन किया। इसके अलावा ग्राम प्रधान रामदेव प्रसाद ने अग्निपीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया।
इसी तरह महुअवा से अमवा महंत जाने वाली सड़क के पश्चिम दिशा में रविवार की दोपहर किसी ने सिगरेट पीकर फेंक दिया। इससे चंवर में कंबाइन से कटे गेहूं के डंठल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के किसान लल्लन ठाकुर, स्वामीनाथ, महेंद्र प्रसाद, हरकेश, सचिंद्र आदि की काटकर रखे गए गेहूं का बोझा जलकर राख हो गया। तीन गांवों के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पंपिंग सेट चलाकर आग पर काबू पाया।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के भुलिया अगरवा गांव में रविवार की दोपहर करीब 12 बजे आग लग गई। इससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। मौके पर जुटे लोग आग बुझाने की कोशिशों में जुट गए और घंटेभर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आगलगी में सेबू के 77 हजार रुपये, आभूषण व जैनुद्दीन के करीब 42 हजार रुपये, आभूषण समेत लाखों का सामान हो गया। लेखपाल धर्मेंद्र प्रजापति ने क्षति का आंकलन कर इसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी।
कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गंगौली गांव के उत्तर खेत में पड़े गेहूं के डंठल में आग लग गई। हवा के तेज झोंके के साथ आग की लपटें तेज हो गईं। देखते ही देखते आग विकराल रूप धारण करते हुए पिपरहिया, कल्याण छापर और बतरौली की ओर बढ़ने लगी। यह देख गांवों के लोग अपने सामान को घरों से बाहर निकाल इधर-उधर भागने लगे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद गांव वालों ने आग पर काबू पाया। तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के बेलवा बुजुर्ग गांव के सरेह में शनिवार की दोपहर फुर्सतपुर गांव निवासी तुलसी पांडेय के खेत में ट्रैक्टर में लगे भूसा मशीन की मदद से भूसा बनाया जा रहा था। तभी अचानक भूसा मशीन में आग लग गई। ट्रैक्टर चालक ने समझदारी दिखाते हुए ट्रैक्टर को बगल में स्थित एक तालाब में उतार दिया। लेकिन तब तक मशीन से निकली चिंगारी ने बृजराज सिंह खेत को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते आसपास के खेतों में आग लग गई। इसकी सूचना ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को दी। आग को बढ़ता देख सैकड़ों की संख्या में जुटे लोग आग बुझाने में जुट गए। फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही गांव वालों ने आग पर काबू पा लिया। इससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलने से बच गई। गांव वालों के अनुसार आग के तांडव में बेलवा बुजुर्ग निवासी बृजराज सिंह का 18 डिस्मिल, शमशाद का 24 डिस्मिल, अली मुहम्मद का 20 डिस्मिल, हैदर का 28 डिस्मिल, ध्रुव गोंड़ का 19 डिस्मिल गेहूं की फसल राख हो गई।