फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: हिंदू नववर्ष के आगाज से अनजान हैं युवा

Fri, 24 Mar 2023 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
नव संवत्सर वर्ष की महत्ता तो मानते हैं पर सोशल मीडिया तक सीमित
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। हिंदू नववर्ष की शुरुआत नवरात्र के पहले दिन बुधवार से हो गई है। यह समय प्राकृतिक उल्लास का होता है, लेकिन पश्चिमी सभ्यता के शोरगुल में युवा इससे अनजान हैं। न तो उन्हें हिंदू नववर्ष को लेकर कोई उत्साह है और न ही कोई खास तैयारी।
सुखद पहलू यह है कि कुछ युवा सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेश भेजकर लोगों के बीच इसके महत्व को बताने की कोशिश में जुटे हैं। उनका मानना है कि पहल छोटी तो है पर इसका संदेश बड़ा है। वे कहते हैं स्कूल से लेकर बाजार तक हर जगह पश्चिमी सभ्यता हावी है। ऐसे में हम भूल जाते हैं कि नव संवत्सर वर्ष न सिर्फ हमें संस्कारों से जोड़ता है, बल्कि नशे की लत से दूर करता है। प्रस्तुत है कुछ युवाओं की राय....
विज्ञापन

...
जरूरत सभी को इसकी महत्ता बताने की
नवसंवत्सर वर्ष से प्रकृति भी संदेश देती है। पतझर के बाद नए पत्ते आते हैं। यानी संघर्ष और कड़ी मेहनत का यह संदेश। मुश्किल यह है कि बचपन में ही हम पाश्चात्य सभ्यता के पीछे भागने लगते हैं। ऐसे में अब जरूरत है कि हिंदू नवसंवत्सर वर्ष के बारे में सभी को बताया जाए। यह जिम्मेदारी सभी की है।
- विशाल गुप्ता, छात्र
...
अंग्रेजी नववर्ष की तरह मनाने की जरूरत
हमें अपनी संस्कृति को समझने और उससे जुड़ने की आवश्यकता है। पश्चिमी सभ्यता की इस बयार में हम अपनी सभ्यता से दूर होते जा रहे हैं। जरूरी है कि हम इनके करीब आएं और जिस तरह से अंग्रेजी नववर्ष को लेकर धूम होती है, ठीक वैसे ही हम हिंदू नववर्ष मनाएं।
- सत्य प्रकाश पांडेय, छात्र
...
हिंदू नववर्ष पर करता हूं पूजा-पाठ
सभी धर्मों का नववर्ष अलग-अलग होता है। स्कूल-कॉलेजों में भी नए सत्र की शुरुआत इसी समय होती है। दोस्तों के साथ अंग्रेजी सभ्यता के मुताबिक जश्न मनाता हूं और परिवार के साथ पूजा पाठ करके शांतिपूर्ण ढंग से हिंदू नववर्ष की शुरुआत करता हूं।
- श्रीराम मोदनवाल, छात्र।
...
सोशल मीडिया पर भेजते हैं बधाई संदेश
सनातन धर्म में प्रकृति की महत्ता को किसी न किसी तिथि से जोड़ा गया है। पतझर के बाद जब पौधों पर नई पत्तियां आती हैं तो प्रकृति के सुंदरता की बखान करती हैं। हमारे साथी इसे लेकर सोशल मीडिया पर सजग हैं, लेकिन जब यह बड़े पैमाने पर होगा तभी बदलाव आएगा। बहुत सारे लोग इसके बारे में जानते ही नहीं हैं।
- श्रृष्टि, छात्रा
..
सच कहूं तो पता ही नहीं था
सच कहूं तो घर परिवार से लेकर स्कूल-कॉलेज तक कभी हिंदू नवसंवत्सर के बारे में बताया ही नहीं गया। जबकि इसे जानना और मनाना चाहिए। टीवी चैनलों पर भी एक जनवरी के आगाज को पूरे दिन चलाया जाता है। क्लबों में भी पार्टियां, बाजार में चहल-पहल ही केंद्र बिंदु होता है।
विज्ञापन

- सोनाली मिश्र, छात्रा।
...
उल्लास का प्रतीक है हिंदू नववर्ष
हिंदू नववर्ष उल्लास और उत्साह का प्रतीक है। ऋतुओं के साथ पेड़-पौधे भी भी हिंदू नववर्ष का स्वागत करते हैं। ऐसे में युवाओं को सनातन धर्म और हिंदू नववर्ष के बारें में बड़े-बुजुर्गों से जानना और उल्लास के साथ मनाना चाहिए।
ललिता कुशवाहा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें