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Kushinagar News: प्रसूताओं को नहीं मिल रहा नाश्ता, कैसे सुधरेगी सेहत

Sat, 01 Jul 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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मरीजों को खाने के लिए बना ख्रराब मोटा चावल।संवाद
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मेन्यू को कोई मतलब नहीं, मरीज बोले, खाने लायक नहीं है खाना
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एक माह से मरीजों को मिल रहा चावल, दाल और आलू की सब्जी
जानकर अंजान बने जिम्मेदार, क्वालिटी सुधारने पर चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन और नाश्ते की क्वालिटी बेहद खराब है। पानी वाली दाल, आलू की सब्जी और मोटा चावल दिया जा रहा है। प्रसूताओं को सुबह का नाश्ता भी नहीं मिल रहा है। सबकुछ जानने के बाद भी जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।

जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलने वाला भोजन काफी खराब है। मेन्यू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जा रहा है और न ही इसकी सूची चस्पा की गई है। दो माह से मरीजों को दिन में चावल, दाल और सिर्फ आलू की सब्जी मिल रही है, जबकि रात को सोयाबीन-आलू की सब्जी और रोटी दी जा रही है। वार्ड में भर्ती गिने-चुने मरीजों तक ही भोजन का पैकेट पहुंच रहा है। वहीं, प्रसूताओं को सुबह ब्रेड, चाय, दूध, अंडा, दिन में भोेजन और शाम को चाय दिया जाना है, सिर्फ दोपहर को भोजन दिया जा रहा है।
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जनरल वार्ड में भर्ती रंजना, सत्यम, साकिना, शीतल, अफसाना, धनंजय, तजबुन ने बताया कि सिर्फ नाम का भोजन मिल रहा है। भोजन की गुणवत्ता बिल्कुल खराब है। राउंड पर आने वाले डॉक्टरों से बोला गया तो बोले कि सिर्फ इलाज करना हम लोगों का काम है।

जनरल वार्ड में 72 मरीज भर्ती, सिर्फ आठ को भोजन
जनरल वार्ड में 72 मरीज बृहस्पतिवार को भर्ती थे। उनमें सिर्फ आठ मरीजों को भोजन दिया गया। इसके अलावा एसएनसीयू में 36, छह प्रसूताओं और छह पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के अभिभावकों को भोजन का पैकेट दिया गया। कर्मचारियों ने बताया कि जनरल वार्ड में जो मरीज भर्ती किए गए हैं, उनमेंं सिर्फ आठ ही को भोजन दिया जा सकता है। इसलिए डॉक्टर सभी का नाम नहीं दिए हैं। हालांकि, अस्पताल आने वाले मरीज और तीमारदार को भोजन देने का नियम है। इसका पालन कुशीनगर जिला अस्पताल में नहीं किया जा रहा है।

-अस्पताल के अंदर किचन है। ठेकेदार के मूरत नाम के वर्कर भोजन बनाते हैं। इनका कहना है कि ठेकेदार और विभाग के लोग जाने कितने लोगों को भोजन दिया जाता है। मेन्यू की भी मुझे जानकारी नहीं है। मुझे दिन में चावल, दाल, आलू की सब्जी और रात को रोटी सब्जी देने के निर्देश है।

-अस्पताल में भर्ती मरीजों या प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता देना है। इसकी क्वालिटी की जांच भी जिला अस्पताल प्रशासन समय-समय पर कराता है, लेकिन यहां पर सिर्फ भोजन देने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जनरल वार्ड में भर्ती 72 मरीजों में आठ को छोड़कर सभी को पेट दर्द, उल्टी, दस्त हो रहा था। इस लिए भोजन इन्हें नहीं दिया गया। ऐसा भोजन का पैकेट वितरण करने वाले वर्कर का कहना था। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ नर्स की चुप्पी नहीं टूटी।
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वर्जन
-मरीजों को घटिया भोजन मिलने की जानकारी है। ठेकेदार पवन उपाध्याय को बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि काफी दिन पहले 75 रुपये प्रति मरीज के हिसाब से भोजन का टेंडर हुआ था। बढ़ी महंगाई के हिसाब से जो काफी कम है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 160 रुपये, एसजीपीजीआई में 150 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। ठेकेदार से दो तीन अस्पतालों का रेट मांगा गया है। उसी रेट पर जब यहां टेंडर हो जाएगा तो भोजन की गुणवत्ता ठीक हो जाएगी।
-डॉ. एचएस राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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