कप्तानगंज। जिस हंगामे की वजह से कप्तानगंज के पूर्ति निरीक्षक ब्लॉक सभागार में आयोजित तहसील दिवस में नहीं बैठे, वह उनका पीछा नहीं छोड़ा। तहसील दिवस के दौरान ही एक गांव की महिलाओं ने राशन व राशन कार्ड में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
वहीं इंदरपुर की महिलाओं के जबरदस्त प्रदर्शन के साथ तहसील दिवस का समापन हुआ। करीब दो बजे तहसील दिवस अपने समापन की ओर था, तभी 30 से अधिक महिलाओं के साथ पहुंचे इंदरपुर गांव के लोगों ने एसडीएम सचिन सिंह के समक्ष राशन वितरण में धांधली की जांच करने में पूर्ति निरीक्षक पर लीपापोती करने का आरोप लगाने लगाते हुए ज्ञापन दिया।
महिलाओं के आरोप पर एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक को बुलवाया और जवाब तलब किया। लेकिन नाराज महिलाएं हंगामा करने लगी, जिस पर एसडीएम ने कक्ष से बाहर बुलाकर समझाना शुरू किया। महिलाओं समेत गांव के लोग इस कदर नाराज थे कि पांच मिनट भी नहीं बीता, एसडीएम वहां से चले गए। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक अपने कमरे की ओर बढ़े, लेकिन महिलाएं उनका पीछा नहीं छोड़ी।
अंदर से कमरे का दरवाजा बंद करने के प्रयास में भी पूर्ति निरीक्षक एवं उनका स्टाफ विफल रहा। इसके बाद शोरशराबा होने लगा। महिलाएं पूर्ति निरीक्षक के कमरे में घुसने लगीं, तब तक तहसील दिवस में मौजूद कप्तानगंज के एक एसआई पहुंच गए। महिलाओं के साथ गांववालों को समझाने में उनको भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार धक्का-मुक्की के बाद कुछ मामला ठंडा हुआ, तब तक थाने से और फोर्स आ गई।
तब जाकर पूर्ति निरीक्षक को सुरक्षित किया जा सका। इस दौरान करीब एक घंटे तक पूरे परिसर में अफ रातफ री का माहौल बना रहा। इसके पूर्व तहसील दिवस में करीब 12 बजे सिंघाड़ी गांव की महिलाएं राशन वितरण और पात्र गृहस्थी के चयन में धांधली करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम सचिन सिंह के समक्ष पहुंच गई थीं। हर फरियादी की तरह एसडीएम ने इन्हें पूर्ति निरीक्षक के पास भेजा तो महिलाएं कक्ष के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दीं।
अंत में एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई करने और छूटे पात्र लोगों को पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल करने की मांग की। इसके पूर्व रामकोेेेेेला विकास खंड के फरना गांव के लोगों ने एसडीएम से गांव के कोटेदार पर मानक से कम राशन देने तथा निर्धारित दर से अधिक रुपये लेने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन दिया। गांव के संतोष पांडेय, राजेश, प्रमोद, ज्वाला, हरि प्रसाद आदि ने एसडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।