रामकोला। एक दिन पहले घर से लापता महिला की सिर कटी लाश बृहस्पतिवार को रेल लाइन के किनारे मिलने से सनसनी फैल गई। मौके पर गांव वालों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लोगों की मदद से एक घंटे तक महिला का सिर ढूंढ़ा लेकिन, सिर का पता नहीं चला। दोपहर बाद पहुंचे परिजनों ने महिला की पहचान उसके कपड़े से की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की जांच हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी हुई है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के चखनी पूरन छपरा परशुराम छपरा निवासी सैफुल्लाह की 60 वर्षीय पत्नी शैरूनिशा बुधवार को घर से लापता हो गई। घर वालों ने पुलिस को इसकी सूचना तक नहीं दी। बृहस्पतिवार को गांव वालों ने उसकी लाश रामकोला थाना क्षेत्र के पगार मिश्रौली रेलवे क्रासिंग के पश्चिम रेल लाइन किनारे देखी। सिर गायब होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस भी शव की शिनाख्त के लिए करीब चार घंटे तक परेशान रही। बाद में सैफुल्लाह और ग्राम प्रधान सुरेंद्र यादव पहुंचे और कपड़े से शव की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
आसपास के लोगों बताया कि ट्रेन से हादसा होता किसी ने नहीं देखा है, जबकि घर वाले महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं, पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी है। मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सीओ उमेश चंद भट्ट ने बताया कि घर वाले महिला को मानसिक रोगी बता रहे हैं। लेकिन पुलिस इसकी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी।