पडरौना। मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। तीमारदारों ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड तक करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ। स्वास्थ्यकर्मियोंं की सूचना पर आई पुलिस ने लोगों को शांत कराया और शव को मोर्चरी में पहुंचाया। पुलिस के सामने भी कई बार डॉक्टर व फॉर्मासिस्ट से तीमारदारों की धक्का-मुक्की हुई। हस्तक्षेप के दौरान पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के दोघराखास गांव निवासी जितेंद्र प्रसाद की मां मलावती देवी (55) की तबीयत 29 मई को खराब हुई। परिजन फाजिलनगर सीएचसी पर ले गए, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया। इमरजेंसी में इलाज के बाद महिला को जनरल वार्ड भर्ती किया गया, जहां इलाज चल रहा था। महिला शुगर की मरीज थी। शनिवार की शाम को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को बताए। डॉक्टर पहुंचे और एक दवा दिए, परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की ओर से दी गई दवा खाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। इससे नाराज परिजन व रिश्तेदार हंगामा करने लगे। इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक विवाद हुआ। किसी तरह बाद वार्ड से पुलिस की मौजूदगी में बाहर निकाला गया। इसके बाद इमरजेंसी में परिजन शव को रोक दिए और पुलिस के सामने भी हंगामा किया। रविंद्र नगर धूस के थानाध्यक्ष शरद भारती करीब 20 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। देर शाम तक पुलिस मेडिकल कॉलेज के इंमरजेंसी पर तैनात रही। रविंद्र नगर धूस के थानाध्यक्ष ने बताया कि इलाज के दौरान महिला की मौत हुई है। परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर मिली है।