बोदरवार। पत्नी के जेल जाने और घर में तोड़फोड़ की सूचना मिलने के बाद सदमे में जान गंवा देने वाले प्रभु साहनी की लाश गांव में पहुंचते ही जहां खामोश पड़े गांव में अचानक कोहराम मच गया। वहीं प्रभु का सोलह वर्षीय बेटा अमन अपनी जेल में बंद मां का इंतजार करता रहा, लेकिन मां को पति के अंतिम दर्शन के लिए कोर्ट से रिहाई नहीं मिली। इस कारण प्रभु का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। प्रभु साहनी के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस द्वारा उनके पैतृक गांव मठिया में शुक्रवार लगभग दस बजे लाया गया। तीन भाइयों में प्रभु दूसरे नम्बर का था। वह अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी रंभा सहित तीन पुत्रियों रंन्जु, सिंधु, रितु और एक बेटा अमन को छोड़़ गया है।