पडरौना। शहर में बंद पड़ी कानपुर शुगर वर्क्स की 154.36 एकड़ जमीन की तलाश में तहसील प्रशासन दूसरे दिन भी जुटा रहा। अभी तक जांच में जो मामले सामने आए हैं उससे स्पष्ट है कि जिसने जहां पाया, वहीं चीनी मिल की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं 100 से अधिक लोगों ने अपना पक्का मकान भी बनवा लिया है।
इसके अलावा, जिनके घर के आसपास चीनी मिल की खाली जमीन थी, उन्होंने भी इस पर कब्जा कर लिया है। शासन के पत्र मिलने के बाद सक्रिय हुए प्रशासन के लिए चीनी मिल की जमीन से अतिक्रमण हटाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा, क्योंकि अभी तक राजस्वकर्मियों को सिर्फ 40 एकड़ ही जमीन खाली मिली है, जिस पर निर्माण नहीं है।
चीनी मिल की जमीन पर अतिक्रमण खाली कराने की खबर मिलते ही अवैध तरीके से कब्जा करने और नियम विरुद्ध जमीन राजस्व अभिलेख में अपने नाम दर्ज कराने वाले कुछ लोग तहसील में सोमवार को नजर आए। राजस्वकर्मियों और अधिवक्ताओं से इससे बचाव के लिए कानूनी जानकारी लेते दिखे। वहीं दूसरे दिन भी तहसील के लेखपाल चीनी मिल की जमीन का अभिलेख खंगालते रहे। बताया जा रहा है कि वर्ष 1934 में पडरौना राज परिवार ने बनवाया था। वर्ष 1956 में नीलामी में इस मिल को कानपुर शुगर वर्क्स ने खरीद लिया था।
इसका ज्यादा हिस्सा पडरौना तहसील के राजस्व गांव जंगल विशुनपुरा में है। राजस्वकर्मियों के अनुसार मिल के नाम से 154.36 एकड़ जमीन थी। मिल की जमीन पर कब्जे के आधार पर राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर 100 से अधिक लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया।
विशेष सचिव के आदेश के बाद शुरू हुई जांच में अधिकांश जमीनों पर लोगों का कब्जा मिला है। मकान निर्माण के अलावा लोग झोपड़ी और कटरैन भी डाल रखे हैं। इसके अलावा पशुओं को बांधने, वाहन खड़ा उक्त जमीन में कर रहे हैं।