पडरौना। जनपद की सीमा से सटे बिहार प्रांत के गोपालगंज जनपद अंतर्गत सासामूसा चीनी मिल में बुधवार की देर रात बायलर फटने से मरने वाले मजदूरों में कुशीनगर जिले का भी एक व्यक्ति शामिल था। बृहस्पतिवार की शाम उसका शव घर लाया गया। शव देख महिलाओं और परिवार के अन्य लोगों की चीत्कार से पूरा घर दहल उठा। देर शाम तक लोगों ने शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के हरिहरछत्तर गांव के निवासी समशुद्दीन (60) अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई की पहले ही मौत हो गई थी, जबकि उनके छोटे भाई घर रहकर खेती का काम देखते हैं। समशुद्दीन सासामूसा की चीनी मिल में मजदूर के रूप में कार्य करते थे। बुधवार की देर रात बायलर फटने से मरने वाले पांच मजदूरों में समशुद्दीन भी थे। उनके मौत की खबर मिलने के बाद से ही घर मे मातम छा गया था। महिलाओं की चीत्कार से पूरा घर शोकाकुल हो गया था।
उधर, रात में जैसे ही उनके साथ हुए इस हादसे की सूचना मिली, उनके परिवार के लोग घटनास्थल के लिए निकल गए थे। बृहस्पतिवार को शाम करीब चार बजे समशुद्दीन के शव को लेकर उनके परिवार के लोग घर आए। जैसे ही शव वाहन से उतारा गया, उनके परिवार के लोग फिर से दहाड़े मारकर विलाप करने लगे। यह देख गांव के लोगों ने शव का सुपुर्द ए खाक कराने का इंतजाम किया और उनके शव को निकट के कब्रिस्तान में दे शाम तक सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। इस दौरान गांव के अधिकतर लोग मौजूद थे। समशुद्दीन अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं, जिनकी शादी उन्होंने अपने जीवित रहते ही कर दी थी।