कुशीनगर। क्षेत्र के हाईवे स्थित लतवा बाजार में दुर्गा पूजन समिति के तत्वावधान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक धनंजय कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म एवं उनकी बाल लीलाओं के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है, तब दुष्टों के संहार के लिए भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं।
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं, क्योंकि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिवस माना जाता है। इसी तिथि के आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।