पडरौना। सर्द हवाओं के बीच अचानक बढ़ी ठंड नवजात और बच्चों को बीमार बना रही है। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में 22 वार्मर पर 60 से अधिक नवजात भर्ती किए गए हैं।
जगह नहीं होने के कारण आने वाले बीमार नवजात को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर या निजी अस्पतालों में लेकर जाना पड़ रहा है। अधिकांश बच्चों व नवजात निमोनिया और पीलिया की शिकायत है। डॉक्टर बच्चों को गर्म पानी पिलाने के साथ-साथ ठंड से बचाव के लिए सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू और चिल्ड्रन वार्ड में तीन गुने बीमार बच्चे भर्ती किए गए हैं। एक वार्मर तीन-तीन नवजातों को रखा गया है। जन्म लेने के बाद नवजात ठंड के चलते निमोनिया और पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में तीन दिन पहले भर्ती नवजात की संख्या 72 थी, लेकिन इन दिनों 62 मासूम भर्ती है। स्वास्थ्यकर्मी जगह नहीं होने पर नवजात को निजी अस्पताल या बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर जाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं चिल्ड्रन वार्ड में भी एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती कराया गया है। पेट दर्द के साथ-साथ उल्टी और दस्त की चपेट में बच्चे आ रहे हैं।
इसके अलावा सीने में कफ अधिक होने के कारण बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ऐसे बच्चों को दवा देने के साथ-साथ घर पर नेबुलाइजर करने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो अचानक ठंड बढ़ने के कारण बच्चों में निमोनिया चपेट में तेजी से आ रहे हैं। हालांकि, नए भवन में एसएनसीयू शिफ्ट होने के बाद वार्मर की संख्या बढ़ जाएगी और 100 नवजात को एक साथ भर्ती कर इलाज किया जा सकेगा।
प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि पुराने भवन में एसएनसीयू संचालित हो रहा है। नए भवन में शिफ्ट होने के बाद वार्मर की संख्या बढ़ जाएगी और नवजातों को इलाज की सुविधाएं बढ़ जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचएस राय ने बताया कि सर्दी की शुरुआत और तापमान में तेज गिरावट के साथ, शरीर विभिन्न श्वसन संबंधी बीमारियों, विशेष रूप से निमोनिया के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। निमोनिया एक गंभीर संक्रमण है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।