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इंस्टाग्राम पर असलहों का सौदा : 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीद रहे थे शहर के युवा, हत्या के लिए बुलाया था शूटर

Wed, 16 Sep 2026 11:43 AM IST
Rohit Singh वाचस्पति पांडेय, गोरखपुर

सार

गिरफ्तार प्रमोद यादव स्थानीय स्तर पर पिस्टल की सप्लाई करता था। वह इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर भी संपर्क और लेन-देन करता था। राजू यादव उसके सहयोगी के तौर पर काम करता था। प्रमोद ने हत्या कराने के लिए बाहर से एक शूटर भी बुलाया था। वहीं, पीएसी से निलंबित सिपाही सूरज यादव भी प्रमोद और राजू के साथ नेटवर्क में सहयोगी था। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि निलंबित सिपाही सूरज यादव और प्रमोद ने पुरानी रंजिश में एक युवक की हत्या कराने के लिए इसी नेटवर्क से चार पिस्टल करीब डेढ़ लाख रुपये में मंगाई थीं। 
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गिरफ्तार असलहा तस्कर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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असलहा तस्करी के नेटवर्क की जांच में स्थानीय खरीदारों के साथ हत्या की साजिश में हथियार जुटाने और शूटर बुलाने की बात भी सामने आई है। पता चला है कि शहर के युवाओं को 40-40 हजार रुपये में पिस्टल बेची जा रही थी। पुलिस के अनुसार, बांसगांव के उनौला खास निवासी प्रमोद यादव, सोनारी शंकर निवासी सूरज यादव और खोराबार के मिर्जापुर बाजार निवासी राजू यादव ने नेटवर्क से एक-एक पिस्टल 40-40 हजार रुपये में खरीदी थी।
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तीनों तक पिस्टल पहुंचाने में हरपुर बुदहट क्षेत्र के गोसाईपुर मुरदेवा बाजार निवासी आदर्श यादव की भूमिका सामने आई है। एसटीएफ के अनुसार, प्रमोद यादव स्थानीय स्तर पर पिस्टल की सप्लाई करता था। वह इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर भी संपर्क और लेन-देन करता था।

राजू यादव उसके सहयोगी के तौर पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, प्रमोद ने हत्या कराने के लिए बाहर से एक शूटर भी बुलाया था। वहीं, पीएसी से निलंबित सिपाही सूरज यादव भी प्रमोद और राजू के साथ नेटवर्क में सहयोगी था।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि निलंबित सिपाही सूरज यादव और प्रमोद ने पुरानी रंजिश में एक युवक की हत्या कराने के लिए इसी नेटवर्क से चार पिस्टल करीब डेढ़ लाख रुपये में मंगाई थीं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किस वारदात के लिए होना था और बाहर से बुलाए गए शूटर की इसमें क्या भूमिका थी।

पुलिस आरोपितों के मोबाइल और बैंक लेनदेन के जरिये इन दावों की पुष्टि कर रही है।15 से 40 हजार में पिस्टल खरीदकर 15 से 20 हजार मुनाफे में बेचता था : पुलिस के मुताबिक, श्रेयांश यादव उर्फ बबलू मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा से पिस्टल की बोर और गुणवत्ता के हिसाब से 15 से 40 हजार रुपये में खरीदता था।
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इसके बाद गोरखपुर और आसपास के जिलों में प्रति पिस्टल 15 से 20 हजार रुपये मुनाफे में बेचता था। पूछताछ में उसके बड़वानी और मुंबई में असलहा तस्करी के मामलों में जेल जाने की जानकारी भी सामने आई है। उसका नेटवर्क बड़वानी और सोनीपत से असलहे खरीदकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में स्थानीय सदस्यों के जरिये बेचता था।
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