कुशीनगर। गंडक नदी के डिस्चार्ज में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। रविवार की शाम को यह घटकर 2.18 क्यूसेक हो गया जबकि शनिवार को डिस्चार्ज 3.10 लाख क्यूसेक हो गया था। खड्डा रेता क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों से बाढ़ का पानी कम हुआ है, लेकिन इन गांवों में भोजन-पानी का संकट बना हुआ है। शनिवार को बढ़े जलस्तर के चलते रविवार को तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के दुदही ब्लॉक के खैरटिया व सेवरही ब्लॉक के गांव पिपराघाट के कई पुरवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इस क्षेत्र में नदी ने एपी तटबंध पर दबाव बढ़ा दिया है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार रविवार को गंडक नदी के डिस्चार्ज में तेजी से कमी आया। शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से नदी का डिस्चार्ज 2.18 लाख क्यूसेक हो गया था। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों मरिचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर आदि में पानी कम हो गया है। परंतु अभी घरों में चूल्हा जलाने की जगह नहीं होने के चलते लोगों को भोजन संकट का सामना करना पड़ रहा है। हैंडपंपों से भी दूषित पानी निकल रहा है, जिससे लोगों में बीमारी की आशंका बढ़ रही है। मरचहवा एवं बसंतपुर गांव के लोगों को भी नाव से आना-जाना पड़ रहा है। इन गांवों में पशुओं को भी चारा नहीं मिल पा रहा है। बाढ़ के पानी के साथ विषैले जीवजंतु भी आबादी के बीच आ गए हैं।
'
\खैरटिया टोले में भरा बाढ़ का पानी
दुदही। शनिवार को गंडक नदी में अचानक बढ़े डिस्चार्ज के चलते देर रात दुदही ब्लॉक के गांव अमवा खास के टोला खैरटिया में बाढ़ का पानी भर गया। फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। अमवाखास बंधे के नजदीक बसे खैरटिया पश्चिमी टोला के निवासी शंकर मणि मिश्रा, जितेंद्र मिश्रा, हरिपूजन मिश्रा, रुदल तिवारी, मंशा तिवारी, शैल तिवारी मारकंडेय मिश्रा, मकरध्वज मिश्रा समेत कई लोगों के घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई एकड़ धान और गन्ना का फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। इसके अलावा बरवापट्टी गांव के सामने बैकरोलिंग के चलते कटान तेज हो गया है।
पिपराघाट के एक दर्जन पुरवों में पानी
तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से पिपराघाट के एक दर्जन पुरवों में बाढ़ का पानी भर गया है। तमकुहीराज तहसील प्रशासन हालात को देखते हुए राजस्व कर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। बाढ़ प्रभावित गांव वालों को आवागमन की सुविधा के लिए नाव का बंदोबस्त कराया जा रहा है।
शनिवार की सुबह वाल्मिकीनगर बैराज से 3.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक नदी उफना गई है। पानी बढ़ने से सेवरही ब्लॉक के गांव पिपराघाट के देवनारायन टोला, उपाध्याय टोला, इमिलिया टोला, शिव टोला, दहारीटोला, नरवाटोला, जयपुर, मोतीराय टोला, हनुमान टोला, चौकी टोला, मुसहरी टोला, जोगनी, गोलाघाट, राजपुर खास, रानीगंज सहित अन्य पुरवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कुछ लोग घर छोड़कर बंधे पर शरण ले लिए हैं जबकि कुछ लोग अभी भी घरों में बनाए गए मचान पर शरण लिए हुए हैं। इन गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। देवनारायन टोला, इमिलिया टोला, तीन टोलिया, शिवटोला, उपाध्याय टोला आदि में रास्ते पर पानी बह रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव के निवासी सरल शर्मा, सुरेंद्र सिंह, पुजारी सिंह, पन्नालाल यादव, चन्द्रबली शर्मा, हरिहर यादव, नत्थू ठाकुर, शर्मा यादव, शिवपूजन निषाद, धु्रव निषाद आदि ने बताया कि लोगों के सामने भोजन व पानी का संकट आ गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तमकुहीराज तहसील प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को सतर्क कर दिया है। प्रशासन ने यहां मोटरबोट का भी इंतजाम कराया है। साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव चलाने की व्यवस्था की जा रही है। रविवार को क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू और पूर्व विधायक डॉक्टर पीके राय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
तमकुहीराज के एसडीएम गणेश प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को बाहर निकालने के लिए 10 नावों का इंतजाम किया गया है। लेखपालों को अपने क्षेत्र के गांव की स्थिति पर नजर रखने और तत्काल स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया है।