बारिश के चलते 500 से अधिक रेनकट बने, एसडीओ और जेई ने टीम के साथ बंधे का लिया जायजा
सभी जेई को बंधे की निगरानी के निर्देश, तटवर्ती गांववालों में बाढ़ की सता रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज फिर बढ़ने लगा है। तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते तटबंधों पर 500 से अधिक रेनकट बन गए हैं। इससे तटवर्ती गांववालों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को बाढ़ खंड के एसडीओ और जेई ने अपनी टीम के साथ नरवाजोत से अहिरौलीदान तक बंधे का निरीक्षण किया। मौसम को देखते हुए सभी जेई को बंधों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
गंडक नदी का डिस्चार्ज डेढ़ लाख क्यूसेक के करीब पहुंचने और तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से तटबंधों पर रेनकट बन गए हैं। बारिश के चलते इसे ठीक कराना संभव नहीं है। नरवाजोत, घघवा जगदीश, जवही दयाल, बिरवट कोंहवलिया समेत दस से अधिक गांवों के सामने पानी का दबाव बढ़ने लगा है।
बाढ़ खंड के एसडीओ रमेश यादव ने जेई चंद्रप्रकाश, जेई सुनील कुमार यादव व जेई रमेशधर दुबे के साथ नरवाजोत से अहिरौलीदान के बीच निरीक्षण किया। एसडीओ रमेश यादव ने बताया कि पानी का दबाव बंधे पर बढ़ा है। बारिश के चलते रेनकट भी बने हैं। इसे देखते हुए बंधे की निगरानी बढ़ा दी गई है।